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24 और 25 अगस्त की रात को हरियाणा के मेवात में हुई गैंगरेप और मर्डर की घटना ने पुरे देश को सकते में डाल दिया. करीब दस लोगों ने एक घर में घुसकर महिलाओं का बेरहमी से क़त्ल किया. उनके पति को उनके सामने ही मार डाला. इतना सबकुछ करने के बावजूद भी हैवानियत की साड़ी हदें पार करते हुए घर की दो युवतियों से भी बलात्कार किया और सारे आरोपी फरार हो गए.

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बुधवार को दिल्ली पहुंचे पीड़ितों ने पुलिस पर मामले की लीपापोती करने का आरोप लगाते हुए पीड़ित कमलुद्दीन ने कहा, “हमें इंसाफ चाहिये. मेरे बेटे और बहू को मार दिया. बेटी दामाद के साथ दो नवासों को बुरी तरह जख्मी किया है और मेरी दो नातिनों के साथ बलात्कार हुआ है. पुलिस हमें मदद नहीं कर रही है. हमें इंसाफ चाहिये.”

उन्होंने घटना के बारें में बताते हुए आगे कहा कि ‘उन लोगों ने हमसे पूछा, तुम लोग गाय खाते हो. हमने कहा कि नहीं हम गाय नहीं खाते. लेकिन वो बोले कि तुम गाय खाते हो इसलिये हम ये कर रहे हैं.’

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पीड़ितों ने आरोप लगाया कि वारदात से जुड़े दो आरोपी आरएसएस और गौरक्षा दल से जुड़े हुए हैं. सोशल एक्टिविस्ट शबनम हाशमी ने आरोपियों के फेसबुक हैंडल का प्रिंटआउट जारी कर कहा कि दो आरोपी आरएसएस से जुड़े हुए हैं.

पत्रकारों को सोंपे गए प्रिंट आउट में अमरजीत की एक पुरानी फेसबुक पोस्ट का हवाला दिया गया हैं जिसमे लिखा हैं कि ‘मुस्लिम तो गए’. वहीँ दुसरे आरोपी राहुल वर्मा नेफेसबुक बायो में बताया हैं कि वह आरएसएस का स्वयंसेवक हैं.

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शबनम हाशमी ने प्रेस कांफ्रेंस में यह दावा भी किया कि छह-सात महीने पहले घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर स्थित एक कारखाने में आरएसएस ने एक ट्रेनिंग और भर्ती कैंप लगाया था.


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