बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती के कन्हैया कुमार के खिलाफ दिए गए बयान पर कन्हैया के परिवार वाले काफी आहत हैं। इस बारे में बात करते हुए परिवार की आंखें तक भर आईं।

बता दें, मायावती ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह में कन्हैया के बारे में जाति केंद्रित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “कन्हैया दलित नहीं, भूमिहार बिरादरी का है और वह दलितों को गुमराह कर रहा है। उसके झांसे में नहीं आएं।” साथ ही उन्होंने कहा कि “कन्हैया वामपंथी दलों का मोहरा है। वह केवल दलितों को गुमराह करने के लिए डॉ. अंबेडकर के गरीबी हटाओ कार्यक्रम की बात कर रहा है।”

मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक, कन्हैया कुमार की मां मीणा देवी व पिता जयशंकर सिंह ने कहा कि मायावती एक महिला होकर इस तरह का बयान कैसे दे सकती हैं? “वह एक मां के बेटे को जाति के तराजू में कैसे तौल सकती हैं।” मीणा देवी ने कहा, “कन्हैया के नाम पर ऐसी राजनीति अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या भूमिहार जाति में जन्म लेना कन्हैया का गुनाह है? जाति की राजनीति करने वाले नेता यह साबित करें कि भूमिहार जाति के लोग सेवा नहीं कर सकते हैं। सवालिया लहजे में यह भी कहा कि क्या समाज सेवा को सिर्फ दलित होना जरूरी है?”

मीणा देवी जब ये सब कह रही थीं तो उनकी आंखों में आंसू झलक रहे थे। कन्हैया के छोटे भाई प्रिंस ने कहा, “यूपी चुनाव को देखते हुए मायावती जाति आधारित बातें कर रही हैं। मायावती दलितों के वोट के लिए आरएसएस की भाषा बोल रही हैं।” उन्‍होंने कहा कि दलितों की सेवा करने के लिए इस समाज का होना जरूरी नहीं है। इस बात का सबसे अच्‍छा उदाहरण बेगूसराय जिले के गांवों में देखने को मिलता है। इस जिले में भूमिहार ही गरीबों, मजदूरों, किसानों और दलितों की सेवा करते हैं। (hindi.news24online.com)


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