जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की पाकिस्तान यात्रा को ‘हर लिहाज से सराहनीय’ बताते हुए गुरुवार को कहा कि अगर ऐसी कोशिशें जारी रहें तो भारत को फायदा होगा..

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जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की पाकिस्तान यात्रा को ‘हर लिहाज से सराहनीय’ बताते हुए गुरुवार को कहा कि अगर ऐसी कोशिशें जारी रहें तो भारत को फायदा होगा। पूर्व राज्यसभा सदस्य मदनी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में एक सवाल पर कहा कि हम सभी उम्मीद करते हैं कि हिंदुस्तान पूरी दुनिया की अगुआई करे। पड़ोसियों के साथ झगड़े और मनमुटाव इसके रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट हैं। इन बाधाओं को खत्म करने की किसी भी कोशिश का हमें समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से अचानक मुलाकात करने जाना हर लिहाज से सराहनीय कोशिश है।

अगर इसे जारी रखा जाए तो इससे मुल्क का ही फायदा होगा। पड़ोसियों से रिश्ते अच्छे होने से माहौल बेहतर होगा और विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के लिए आगे आएंगे, लेकिन अगर हालात ठीक नहीं होंगे तो निवेशक ठिठक जाएंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र की मोदी सरकार अच्छा काम कर रही है, मदनी ने कहा कि दाल के दामों और दीगर महंगाई में कमी आ जाए तो कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल तो ऐसा कुछ हुआ नहीं है। वैसे, मोदी सरकार ज्यादा मोर्चों पर नाकाम ही है। खूंखार आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान के बारे में धर्मगुरु ने कहा कि यह सिलसिला कतई ठीक नहीं है। इसे रोकने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजना बनाई जानी चाहिए। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआइएमआइएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को जनसभा आयोजन की इजाजत नहीं दिए जाने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के बारे में पूछे जाने पर मदनी ने कहा कि वे ओवैसी के लहजे और सोच से सहमत नहीं हैं। ओवैसी देश और मुसलमानों के लिए भी अच्छे नहीं हैं लेकिन राज्य सरकार से एक सवाल है कि ओवैसी की ही तरह बोलने वाले अन्य नेताओं पर पाबंदी क्यों नहीं लगाई गई है।

मदनी ने उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार को ‘झूठी और निकम्मी’ करार देते हुए कहा कि उनकी तंजीम अगले साल सूबे में जगह-जगह जलसे करके मुसलमानों को सपा द्वारा उनके भले के लिए किए गए अधूरे वादों की याद दिलाएगी। पूर्व राज्यसभा सदस्य मदनी ने यहां जमीयत की उत्तर प्रदेश इकाई की कार्यकारिणी समिति की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मुसलमानों से लुभावने वादे करके सत्ता में आई अखिलेश यादव सरकार को चार साल पूरे होने को हैं लेकिन उसने मुसलिमों से किया गया एक भी वादा पूरा नहीं किया है। यह सरकार ‘झूठी और निकम्मी’ है। हालांकि उसके पास अपने वादे पूरे करने के लिए अब भी वक्त है। अगर वह अब भी नाकाम रही तो विधानसभा चुनाव में जनता उसे सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि सपा ने साल 2012 के विधानसभा चुनाव में वादा किया था कि सूबे में उसकी सरकार बनने पर वह रंगनाथ मिश्र आयोग और सच्चर समिति की सिफारिशें लागू कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालेगी और अपने स्तर से लागू होने वाली सिफारिशों को अमली जामा पहनाएगी।

इसके अलावा आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक लिहाज से अत्यधिक पिछड़े मुसलमानों को दलितों की तरह आबादी के हिसाब से अलग से आरक्षण दिया जाएगा। साथ ही आतंकवाद के मामलों में गिरफ्तार किए गए बेकसूर मुसलमानों को छुड़ाने का वादा भी किया गया था, लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। मदनी ने कहा कि जमीयत की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ जबरदस्त आंदोलन छेड़ने का फैसला किया गया है। इसके तहत तंजीम प्रदेश में जगह-जगह पर जलसे आयोजित करके मुसलमानों को सपा के चुनावी वादे याद दिलाएगी। इसकी शुरुआत आगामी 17 जनवरी को लखनऊ से की जाएगी। उसके बाद 13 फरवरी को मेरठ में बहुत बड़ा इजलास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीयत के इस अभियान को चुनाव से नहीं जोड़ा जाए। सरकार के पास अब भी अपनी गलतियां सुधारने का मौका है। साभार: जनसत्ता


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