नोटबंदी को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा जारी आकड़ों के सामने आने का बाद आज देश की जनता को पूर्व प्रधानमंत्री का वो बयान याद आ रहा है. जिसमे उन्होंने नोटबंदी को कानूनी लूट-खसोट करार दिया था. हालांकि इस सबंध में मनमोहन सिंह का हर दावा सही साबित हुआ है.

नोटबंदी पर चर्चा के दौरान नंवबर 2016 में राज्यसभा में मनमोहन सिंह ने साफ कहा था कि नोटबंदी को देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डालने वाला फैसला होगा. उन्होंने कहा था जीडीपी में 2 फीसदी की गिरावट आ सकती है. उनका ये दावा सही साबित हुआ है.

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आज देश की अर्थव्यवस्था अब तक की समसे कमजोर हालत में है. वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही (अप्रेल-जून) में जीडीपी की ग्रोथ तीन साल के न्यूनतम स्तर पर 5.7 पर आ गई है. इसके अलावा देश से विश्व की सबसे तेज अर्थव्यवस्था होने का भी तमगा छीन गया है.

इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था, मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कहता हूं कि हम इसके अंतिम नतीजों को नहीं जानते. पूर्व पीएम ने सीधा वार करते हुए कहा था कि मैं पीएम मोदी से पूछना चाहता हूं कि वह किसी ऐसे देश का नाम बताएं, जहां लोगों ने बैंक में अपने पैसा जमा कराए हैं लेकिन वे उसे निकाल नहीं सकते.

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उन्होंने कहा था, कृषि, असंगठित क्षेत्र और लघु उद्योग नोटबंदी के फैसले से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और लोगों का मुद्रा व बैंकिंग व्यवस्था पर से विश्वास खत्म हो रहा है. इस योजना को जिस तरह से लागू किया गया, वह प्रबंधन के स्तर पर विशाल असफलता है. यहां तक कि यह तो संगठित और कानूनी लूट-खसोट का मामला है.


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