कोलकाता | म्यांमार में चल रही हिंसा के बीच भारत में आकर शरण लेने वाले रोहिंग्या मुस्लिमो को केंद्र की मोदी सरकार ने वापिस भेजने का फैसला किया है. इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. लेकिन देश में ही कुछ विपक्षी दल सरकार के इस फैसले की आलोचना कर रहे है. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने भी मोदी सरकार की निंदा की है. फ़िलहाल इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गयी है जिसकी सुनवाई सोमवार को होगी.

इसी बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रोहिंग्या मुस्लिमो के समर्थन में उतर आई है. उन्होंने मोदी सरकार से इन शर्णार्थियो की मदद करने की अपील है. इसके अलावा उन्होंने रोहिंग्या शर्णार्थियो को इंसान बताते हुए कहा की वो आतंकवादी नही है. ममता इस तरह के बयान पहले भी दे चुकी है. लेकिन रोहिंग्या मुस्लिमो को वापिस भेजने के फैसले के बाद ममता ने पहली बार इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी है.

शुक्रवार को एक ट्वीट के जरिये उन्होंने अपनी बात कही. उन्होंने लिखा,’ हम लोग संयुक्त राष्ट्र की उस अपील का समर्थन करते हैं जिसमें रोहिंग्या मुसलमानों को मदद करने की बात कही गई है, हमें यकीन है कि सभी रोहिंग्या आतंकवादी नहीं हैं बल्कि आम इंसान हैं, हम इस बारे में चिंतित हैं.’ हालाँकि मोदी सरकार अभी भी अपने रुख पर कायम है. इस बारे में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को एक बयान भी जारी किया.

मीडिया के रोहिंग्या मुस्लिमो पर किये गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की हम सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर सरकार के रुख के बारे में अवगत कराएँगे. इसके आगे राजनाथ सिंह ने कोई बयान देने से मना कर दिया. बताते चले की रोहिंग्या मुस्लिमो को राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताकर वापिस म्यांमार भेजने के सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका डाली गयी है. जिसकी सुनवाई सोमवार को होगी.


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