मालेगांव केस में सरकारी वकील अविनाश रसाल ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि मुझे चार्जशीट की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने आगे कहा कि मुझे पता नहीं था कि आज चार्जशीट फाइल होगी और न ही इसके बारे में मुझे किसी ने कोई सूचना दी थी।

जब मैं कोर्ट पहुंचा और मुझसे पूछा गया तो भी मैंने यही कहा कि आज चार्जशीट दाखिल नहीं होगी। लेकिन फिर मुझे पता चला कि चार्जशीट दाखिल कर ली गई है। एनआईए ने चार्जशीट को लेकर मुझे अंधेरे में रखा।

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2008 के मालेगांव धमाकों के केस में शुक्रवार को नेशनल इंवेस्‍टीगेशन एजेंसी यानि एनआईए ने मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। इसमें प्रज्ञा ठाकुर, प्रवीण तकालकी समेत चार लोगों के नाम नहीं हैं।

चार्जशीट में  प्रज्ञा सिंह ठाकुर का नाम आरोपियों में शामिल नहीं होने से वो जल्द ही जेल से बाहर आ सकेंगी।


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