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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने साल 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में दो फरार आरोपी राम चंद्र कालसंग्र और संदीप डांगे को आरएसएस कार्यकर्ता के रूप में बताया है. आरोपपत्र में कालसंग्र को आरोपी नंबर-13 और डांगे को आरोपी नंबर-14 जबकि पेशा वाले कॉलम में दोनों को ‘आरएसएस कार्यकर्ता’ बताया है.
ये दोनों लोग अब भी फरार हैं. दोनों को अन्य मामलों में भी आरोपी नामजद किया गया है, जिनमें 2007 में हुआ समझौता ट्रेन विस्फोट भी शामिल है. इसमें 68 लोग मारे गए थे. सीबीआई ने कालसंग्र और डांगे को भगोड़ा घोषित कर रखा है और एनआईए ने उनकी गिरफ्तारी कराने वाली कोई सूचना देने पर 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है. उनके खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी है.

कालसंग्र उर्फ रामजी और डांगे ने मध्य प्रदेश के देवास में बागली हिल टॉप पर कुछ आरोपियों को हथियार और विस्फोटक का प्रशिक्षण दिया था. एनआईए ने बताया कि 29 सितंबर 2008 को मालेगांव स्थित एक मस्जिद के बाहर जिस दो पहिया वाहन में विस्फोटक रखे गए थे. उसे कालसंग्र पिछले दो साल से इस्तेमाल कर रहा था. यह वाहन साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नाम से पंजीकृत है. जिन्हें हाल ही में एनआईए ने क्लीन चिट दी है. 2008 के मालेगांव विस्फोट में सात लोग मारे गए थे.


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