साल 2008 में हुए मालेगांव बम धमाका के मामले में एक खुलासा हुआ है। आपको बता दें, यह वही धमाका है, जिसमें साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित जैसे हिंदू कट्टरपंथियों की गिरफ्तारी पर आज तक सियासी बम फोड़े जाते हैं।

MALEGAON_2450823f

इस बम धमाके को लेकर नया खुलासा सामने आया है। दावा किया गया है कि मालेगांव धमाके में अहम गवाहों के बयान की कॉपी नहीं मिल रही है। ये दावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष सरकारी वकील रह चुकी रोहिणी सालियन ने किया है। सालियन के मुताबिक, मंगलवार को एनआई कोर्ट के एक कर्मचारी ने मुझसे मिलकर 164 के तहत लिए गए कुछ बयानों की कॉपी के बारे में पूछा था कि क्या वो मेरे पास है? इसका मतलब कि वो कॉपी उन्हें मिल नहीं रही तभी तो खोज रहे हैं।

सालियान के इस दावे के बाद ही महाराष्ट्र में सियासत तेज हो गई। विरोधी पूछने लगे क्या हिंदू कट्टरपंथियों को बचाने की कोशिश हो रही है? बता दें, मालेगांव धमाके में गवाहों के बयान की कॉपी ना मिलने की बात कहने वाली रोहिणी सालियान पिछले साल एनआईए से अलग हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि एजेंसी के अफसर मालेगांव 2008 बम धमाकों के आरोपियों के प्रति नरमी बरतने को कह रहे थे, जो उन्हें नागवार गुजरा। रोहिणी सालियान के ख़ुलासे पर साध्वी प्रज्ञा के वकील का कहना है कि रोहिणी जानबूझकर मामले को तुल दे रही हैं। कागज इधर उधर हुए होंगे, मिल जाएंगे।

29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए बम धमाके में 4 की मौत हुई थी और 79 के आसपास लोग घायल हो गए थे। महाराष्ट्र एटीएस ने तब अपनी तहकीकात के बाद हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें साध्वी प्रज्ञा प्रमुख हैं। इसके अलावा सेना से जुड़े कर्नल पुरोहित को भी मामले में गिरफ्तार किया गया है। बाद में मामले की जांच एनआईए को दे दी गई। मामले में अभी आरोपियों पर आरोप भी तय नहीं हो पाए हैं। इस बीच तकरीबन 7 प्रमुख गवाहों के बयान की मूल प्रति नहीं मिलने की खबर चौंकाने वाली है। (NEWS 24)


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें