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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र कनु रामदास गांधी दिल्ली के एक वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर हैं। कनु पिछले एक सप्ताह से दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर स्थित गुरु विश्राम वृद्ध आश्रम में रह रहे हैं। वृद्धाश्रम के मालिक विश्राम मानव ने कहा, ‘यह पूरे देश के लिए बड़े शर्म की बात है कि गांधी जी के पौत्र इस हाल में हैं। मुझे लगता है नेताओं से ज्यादा आम लोगों को उनकी कद्र है और वह उनसे मिलने आते हैं।’

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महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने कहा, ‘वह खुद अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। खुद गांधी परिवार के लोग मानते हैं कि सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं है कि गांधी परिवार के किसी सदस्य की मेहमानवाजी करे।’ नासा में काम कर चुके कनु उन दिनों की याद करते हुवे कहते हैं ‘मैं सपने में नासा के दिनों को याद करता हूं। मैं याद करता हूं कि मैंने कैसे काम किया था और अचानक उठ कर रो पड़ता हूं कि मैं आज यह कैसे हो गया। मैं अपनी पत्नी की हालत देखता हूं तो रो पड़ता हूं।’

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कनु गांधी ने कहा कि उन्हें हाथ फैलाना पसंद नहीं, बल्कि वह चाहते हैं कि लोग उनकी इस प्रकार से मदद करें ताकि उनकी मजबूती का इस्तेमाल हो।


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