महाराष्ट्र सरकार ने भाजपा सांसद हेमा मालिनी को एक नृत्य अकादमी खोलने के लिए मुम्बई के अंधेरी उपनगरीय क्षेत्र में भूमि आवंटित किए जाने का  बचाव किया और कहा कि ऐसा उसकी भूमि आवंटन नीति के तहत किया गया है और इसमें कोई ‘‘गलती’’ नहीं है।

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महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से ने संवाददाताओं से कहा कि जमीन का आवंटन सरकारी नीति के तहत किया गया। जमीन बेची नहीं गई है। यह लीज पर है।

उन्होंने कहा कि हेमा मालिनी को जमीन का आवंटन कोई गलती नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि मालिनी से यह जमीन वापस ली जाती है तो कलाकारों, शिक्षाविदें…कुछ पूर्व मंत्रियों…क्लब, अस्पतालों और पुलिस जिमखाना को किए गए ऐसे आवंटन भी वापस लेने होंगे।  खड़से ने कहा कि सरकारी जमीन पर बना कोई अस्पताल यदि गरीब लोगों का इलाज करने से इनकार करता है तो वह प्लाट वापस ले लिया जाएगा।

विपक्ष ने मालिनी के नाट्यविहार कलाकेंद्र चैरिटी ट्रस्ट को भूमि आवंटन के लिए भाजपा नीत सरकार की आलोचना की थी। अभिनेत्री से राजनेता बनीं हेमा ने कहा कि उन्होंने जमीन के लिए 20 वर्ष तक संघर्ष किया।  हेमा को नृत्य संस्थान के निर्माण के लिए 2000 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई है। इसके अलावा उन्हें बाकी 27000 वर्ग मीटर पर एक उद्यान विकसित करना होगा।

हेमा को भूमि का आवंटन तब विवादों में आ गया था जब आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली यह मुद्दा सामने लाए थे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की कि वह या तो आवंटन रद्द करें या उसे बाजार कीमत पर दें। आरोप लगाया गया कि मथुरा से सांसद हेमा को एक प्रमुख जगह पर जमीन 70 हजार रूपए में दी गई। हेमा इसके साथ ही इस आरोप का भी सामना कर रही हैं कि उन्होंने वर्सोवा स्थित अपने एक प्लॉट पर मैनग्रोव को नष्ट करके सीआरजेड नियमों का उल्लंघन किया है। (hindkhabar)


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