मद्रास हाईकोर्ट के जज सीएस करनन अपने ही बयान के कारण एक नए विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे भारत में पैदा होने पर शर्म आती है। दरअसल, उनका यह बयान एक फैसले के बाद आया जिसमें उनका ट्रांसफर मद्रास हाईकोर्ट से कलकत्ता हाईकोर्ट कर दिया गया है।

करनन ने कहा कि उन्हें कलकाता इसलिए ट्रांसफर किया जा रहा है क्योंकि वो पिछड़ी जाति से है। बता दें कि इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने स्थानांतरण आदेश पर रोक लगाने वाले करनन को कोई भी न्यायिक कार्य देने पर रोक लगा दिया था। इसके बाद करनन ने खुद ही इस अपने ट्रांसफर पर स्टे लगा दिया था। यही नहीं जस्टिस करनन ने प्रधान न्यायाधीश को नोटिस भी जारी कर CJI टीएस ठाकुर से लिखित सफाई भी मांगी।

करनन पहले भी विवादों में रह चुके हैं। वे अपने ही मुख्य न्यायाधीश संजय किशन कौल के खिलाफ आदेश पारित करने पर पिछले दिनों विवादों में रहे थे। उन्होंने उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करने का आदेश भी दिया था।

करनन ने कहा कि मेरा ज्यूडिशियल पावर अब भी मेरा पास है। मैं इस मामले में खुद संज्ञान लेते (सुओ-मोटो) चेन्नई पुलिस कमिश्नर को निर्देश दूंगा कि वे एफआईआर दर्ज कराएं। करनन ने मद्रास हाईकोर्ट के सीनियर जज, चीफ जस्टिस संजय कौल पर प्रताड़ना और अपमान करने के मामले में केस दर्ज करने की धमकी देने का आरोप लगाया था। (News24)


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