नई दिल्ली हाल में मदरसों पर तिरंगा फहराने का सुझाव देने के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने एक बार फिर मदरसों को नसीहत दी है। आरएसएस के एक सीनियर नेता और संघ के राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार ने मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों को देशभक्त मुस्लिम शख्यियतों से परिचित कराने को कहा है। इसके लिए उन्होंने मुस्लिम समुदाय के धार्मिक नेताओं से इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया है।

संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘उन्हें (मदरसा छात्रों) उपयुक्त बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। बच्चों को देश से प्रेम करने के बारे में बताया जाना चाहिए, बहादुर शाह जफर जैसे लोगों की जीवनी से परिचित कराया जाना चाहिए। इसकी जरूरत है। इसलिए मैं मुस्लिम मौलानाओं, इमामों और मौलवियों से इस विषय पर आगे आने का आग्रह करता हूं।’

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इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘उन्हें प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बच्चों को देश से प्रेम करने के बारे में बताना चाहिए ताकि वह जब मदरसा से बाहर आए तो देशभक्ति, राष्ट्रवाद और इस्लाम को समझ सके।’ दिल्ली में हाल में एक कार्यक्रम से इतर कुमार ने कहा कि कट्टरपंथी तत्वों को इस विषय पर मानवीय व विकास के दृष्टिकोण से विचार करना चाहिए क्योंकि अब ऐसी शिक्षा की जरूरत है।

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उन्होंने कहा कि इस विषय को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए बल्कि देश में सौहार्द और विकास की दृष्टि से विचार किए जाने की जरूरत है।

इससे पहले भी संघ के राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने मदरसों के नसीहत दी थी कि 26 जनवरी के दिन वो राष्ट्रीय ध्वज फहराएं। इसको लेकर मुस्लिम संगठनों की तरफ से कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।

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दारुल उलूम देवबंद के प्रेस सचिव मौलाना अशरफ उस्मानी ने इसपर ऐतराज जताते हुए कहा था कि क्या आरएसएस नागपुर में अपने मुख्यालय और कार्यालय में तिरंगा फहराएगा।

उस्मानी ने कहा था, ‘जंग-ए-आजादी में देश के मदरसों की अहम भूमिका रही है। उनपर किसी तरह का दबाव बनाना गलत है। आरएसएस का जंग-ए-आजादी से क्या लेना-देना है। वे तो सिर्फ एक ही रंग के झंडे को मानता है और वंदना करता है।’ साभार: नवभारत टाइम्स


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