मुरादाबाद | कभी कभी धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर दो संप्रदायों के बीच कलह का कारण बन जाते है. न जाने ऐसी कितने मौके आये जब धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारने को लेकर दो समुदायो के बीच दंगो की नौबत आ गयी. इनमे कई लोगो को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ा. लेकिन उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोगो ने आपसी सहमती से ऐसा फैसला लिया जो पुरे देश के लिए एक मिसाल बन गया.

मुरादाबाद के भगतपुर थाना क्षेत्र के ठिरिया दान गाँव कई बार सम्प्रदायिक तनाव की आग में जलते जलते बचा है. दरअसल यहाँ धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर की वजह से दोनों समुदाय ने तनाव व्यापत था. इसको लेकर गाँव में कई बैठके हो चुकी थी लेकिन कोई परिणाम नही निकला. दरअसल हिन्दुओ की मांग की थी मस्जिद पर लगे सात लाउडस्पीकर की संख्या कम की जाए.

हिन्दुओ का कहना था की चूँकि मंदिर पर दो लाउडस्पीकर लगे हुए है इसलिए मस्जिद पर भी दो ही लाउडस्पीकर होने चाहिए. इस बात को लेकर दोनों समुदाय के बीच तनाव बना हुआ था. लेकिन रमजान के पाक महीने में इस मुद्दे को लेकर दोबारा पंचायत हुई. इस पंचायत में दोनों ही समुदाय के लोगो ने भाईचारे और सद्भाव की एक मिसाल पेश करते हुए , सभी धर्मस्थलो से लाउडस्पीकर हटाने का फैसला किया.

पंचायत में दोनों समुदाय इस बात पर राजी हो गए की न मंदिर और न ही मस्जिद, किसी भी धार्मिक स्थल पर कोई भी लाउडस्पीकर नही लगेगा. इसके अलावा उन्होंने यह भी तय किया की आने वाले समय में किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल होगा. यह फैसला लिखित रूप में लिया गया. बाद में इस फैसले को थाने में भी जमा कर दिया गया. क्षेत्राधिकारी चक्रपाणि त्रिपाठी ने फैसले पर ख़ुशी जताते हुए कहा की इससे पुरे देश में भाईचारे का एक अच्छा सन्देश जायेगा.


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