राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बिना शिक्षा के जीवन अधूरा है। भारत में सबसे ज्यादा आबादी है इसलिए भारतीय युवाओं के लिए शिक्षा जरूरी है।

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बिना शिक्षा के जीवन अधूरा है। भारत में सबसे ज्यादा आबादी है इसलिए भारतीय युवाओं के लिए शिक्षा जरूरी है। वह नाडर विश्वविद्यालाय के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने छात्र और छात्राओं के लिए रिहायशी आवास की आधार शिला रखी ।

इससे पहले मुखर्जी ने विश्वविद्यालय में वृक्षारोपण किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री शाहिद मंजूर भी मौजूद थे। राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि भारत में सबसे ज्यादा आबादी युवा वर्ग की है। शिक्षा न केवल युवाओं के सशक्तिकरण में बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नाडर विश्वविद्यालय युवाओं को बेहतर शिक्षा देगा। 21 वीं सदी में शिक्षा का महत्व काफी बढ़ेगा। आने वाली सदी में शिक्षा एक महवपूर्ण अंग के समान होगी। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय 21 वीं सदी में दुनिया के अग्रणी संस्थानों में अपना नाम रोशन करेगा।

शिव नाडर विश्वविद्यालय जैसे संस्थान राष्ट्र को समर्पित करने के मौके को राष्ट्रपति ने गर्व का विषय कहा। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए रिहायशी परिसर का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा जगत में बेहतर सहयोग करेगा और युवाओं अच्छी शिक्षा देगा। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि भारतीय विश्वविद्यालय का दुनिया भर में ज्यादा महत्व नही है। इसका कारण कुछ करना करने की सोच व अनुसंधान में रुचि न होना है।

मुझे यह खुशी हो रही है कि इस विश्वविद्यालय ने अनुसंधान को एक अभिन्न अंग बनाया है। शिव नाडर फाउंडेशन के संस्थापक और चेयरमेन शिव नाडर ने बताया कि चार साल पहले 286 एकड़ जमीन ली थी। राष्ट्रपति ने विश्वविद्याल परिसर में वृक्षारोपण भी किया। साभार: जनसत्ता


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें
SHARE