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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा एनडीएमसी अधिकारी एमएम खान की हत्या के सिलसिले में आरोप लगाने के कारण पूर्वी दिल्ली से बीजेपी के सांसद महेश गिरी केजरीवाल के आवास के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

एनडीएमसी अधिकारी एमएम खान की हत्या के सिलसिले में जो राजनीती हो रही हैं ऐसे में उनके बारें में जानना और जरुरी हो जाता हैं. 

एनडीएमी में डिप्टी लॉ ऑफिसर के पद पर कार्यरत मोहम्मद मोइन खान की दिल्ली के जामिया नगर में  16 मई रविवार रात करीब 7 बजे एडवोकेट खान की उन्हीं की कार में गोली मारकर हत्या कर दी जाती हैं. खान एनडीएमी में डिप्टी लॉ ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे और साथ ही स्टेट लॉ ऑफिसर का काम भी देख रहे थे.

खान के मर्डर केस में बिजनसमैन रमेश कक्कड़ के अलावा 2 शूटर समेत अन्य 7 को को गिरफ्तार किया जाता है. रमेश कक्कड़ ने अपने एक्स-बाउंसर को दो लाख रुपये में कॉन्ट्रैक्ट देकर उनका मर्डर करा दिया था.  साउथ दिल्ली के पॉश इलाके सफदरजंग डिवेलपमेंट एरिया में रहने वाला रमेश कक्कड़ (48) पिछले कई सालों से मुकदमेबाजियों में फंसा हुआ था.

सके खिलाफ दिल्ली के अलावा अमृतसर और रुड़की में चीटिंग के मुकदमे दर्ज हैं. टियाला हाउस कोर्ट में उनके खिलाफ चेक बाउंस के आरोप में केस चल रहा है. जालसाजी के केस में उससे सीबीआई ने भी पूछताछ की थी.  इन केसों के अलावा, फोर स्टार होटल ‘कनॉट’ के मामले में उस पर एनडीएमसी की कार्रवाई चल रही थी.

यह होटल एनडीएमसी ने बनाया था. 15 साल पहले यह होटल एनडीएमसी ने रमेश कक्कड़ को लीज पर दिया था. अग्रीमेंट की शर्त यह थी कि रमेश एनडीएमसी को कम से कम 21 लाख रुपये सालाना देगा, लेकिन अगर होटल से कमाई इससे ज्यादा होती है तो कमाई का 23 पर्सेंट पेमेंट एनडीएमसी को करना होगा। हुआ यह कि कमाई 21 लाख रुपये से ज्यादा होती रही, लेकिन रमेश कक्कड़ हर साल 21 लाख ही एनडीएमसी के खाते में जमा करता रहा.

एनडीएमसी में यह मसला उठने पर रमेश पर 140 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई और उसकी लीज खत्म करने की कार्रवाई शुरू की गई. रमेश हाई कोर्ट गया. वहां उसे राहत नहीं मिली। कोर्ट ने एनडीएमसी को आदेश दिया कि जो भी ऑर्डर करना है, वह छह महीने में कर दिया जाए. दिल्ली में केजरीवाल सरकार आने के बाद एनडीएमसी में ईमानदार छवि वाले असिस्टेंट लीगल एडवाइजर मुहम्मद मोईन खान को एस्टेट्स अफसर बना दिया गया था. यह पद अहम माना जाता है. होटल कनॉट की फाइल उनके पास थी। वह 17 मई को इस फाइल पर ऑर्डर करने वाले थे.

मोईन खान के बारे में रमेश कक्कड़ को पूरा यकीन था कि वह उसके खिलाफ ही ऑर्डर पास करेंगे. रमेश ने खान को कई बार मोटी रकम का लालच दिया था. एमएम खान के परिवार के मुताबिक होटल मालिक रमेश कक्कर ने 225 करोड़ की रिकवरी के मामले को सेटल करने के बदले 3 से 4 करोड़ रुपए के रिश्वत की पेशकश की थी. लेकिन एमएम खान ने रमेश कक्कड़ का ऑफर ठुकरा दिया.


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