14600836_1324923807541502_6982821424301364725_n

मुंबई – कोहराम न्यूज़ – देशभर में ट्रिपल तलाक़ और यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन चल रहा है, जुमे की नमाज़ के बाद देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है. इस कड़ी में आज भिवंडी में रज़ा एकेडेमी ने शरियत बचाओ कांफ्रेंस आयोजित की.

रज़ा एकेडेमी के बैनर तले आयोजित की गयी इस कांफ्रेंस में बोलते हुए दिल्ली से आये उलेमाओं ने कहा की एक वाहिद इस्लाम ही ऐसा मज़हब है जिसने सबसे पहले औरतों के हुकूक दिए वर्ना जिस समय इस्लाम अस्तित्व में नही आया था उस समय बच्चियों को जन्म लेते ही जिंदा दफ़न कर दिया जाता था. औरतों को प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी सुनिश्चित कराने वाला इस्लाम ही है.

14639829_1324923924208157_5970646890307688384_n

कोहराम न्यूज़ को प्राप्त खबर के अनुसार एकेडेमी के सईद नूरी तथा अल्लामा यासीन अख्तर मिस्बाही ने कहा की यह आन्दोलन दरगाह आला हजरत बरेली शरीफ के आह्वान पर देश भर में चल रहे शरीअत बचाओ आन्दोलन के तहत आयोजित किया गया है. जिसका मुख्य मकसद शरीयत को बचाना है.

14639819_1324923847541498_6485982796841141386_n

वहीँ मोदी सरकार को निशाना बनाते हुए कहा की अगर औरतों को हक दिलाने की बात कर रहे है तो सबसे पहले गुजरात की विधवाओं को उनका हक दिलाए उसके बाद अन्य महिलाओं की बात करें.

लाखो लोगो के हुजूम से खचा खच भरे मैदान में उलेमाओं ने कहा की अगर मोदी सरकार में हिम्मत है तो यूनिफार्म सिविल कोड का मसौदा पेश करे क्यों की अलग अलग मज़हब के मानने वालो को किसी दूसरी जीवन शैली अपनाने पर मजबूर नही किया जा सकता.

14908291_1324923940874822_4578399993549549579_n


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE