kollam tragedy

दक्षिण भारतीय राज्य केरल के एक मंदिर में आतिशबाजी के दौरान हुए हादसे में 100 से भी अधिक लोग मारे गए और सैकड़ों अन्य घायल हैं. पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया.

किसी धार्मिक समारोह के दौरान हुई आज तक की सबसे बड़ी दुर्घटना में केरल के कोल्लम स्थित मंदिर में हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत का उत्सव मनाने इकट्ठा हुए लोगों का सामना भयंकर आग से हुआ. जिला प्रशासन का कहना है कि वहां हर साल आतिशबाजी से होने वाले शोर और प्रदूषण की शिकायतों के कारण उन्होंने इस बार वहां पटाखे जलाने की अनुमति नहीं दी थी. इससे जुड़े कई कागजात सामने आने से भी घटना पर बहस गहरा गई है.

दुर्घटना की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी अनंत कृष्णन ने बताया है कि पटाखे बनाने वाली कंपनी के पांच कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया गया है. कोल्लम के पुत्तिंगल देवी मंदिर में इन्हें ही शो करने का ठेका मिला था. पटाखा निर्माता ईकाई का प्रमुख भी हादसे में घायल हुआ है. इस दुर्घटना की चपेट में आए कम से कम 380 लोग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. कृष्णन ने बताया कि पुलिस अभी तक मंदिर के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार लोगों तक नहीं पहुंच पाई है.

केरल के अलावा देश के कई और हिस्सों में भी मंदिर के भीतर सेहत और सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन की कड़ी आलोचना हो रही है. मंदिर हादसे में कम से कम 108 लोगों को मृत घोषित किया जा चुका है. अस्पतालों, मुर्दाघरों और पुलिस स्टेशनों में मृतकों और घायलों की पहचान करने में उनके परिवारजनों को खासी परेशानी हो रही है.

देश भर में इस दुर्घटना को लेकर आ रही चिंताजनक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके कुछ ही घंटों के भीतर डॉक्टरों की टीम के साथ कोल्लम के लिए उड़ान भर ली थी. विपक्षी दल कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने भी मंदिर के घटनास्थल का दौरा किया और आग लगने के कारणों की पुख्ता जांच कराए जाने की मांग की.


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