कोलकाता | सोमवार को वामपंथियों के प्रदर्शन ने कोलकाता को कश्मीर बना दिया. यहाँ वामपंथियों ने पुलिस बलों के साथ मारपीट करते हुए उनके खिलाफ पत्थरबाजी भी की. कोलकाता की सडको पर बिलकुल वो ही नजारा देखने को मिल रहा था जो आये दिन कश्मीर में देखने को मिलता है. सुरक्षाबल और पत्थरबाज एक दुसरे के आमने सामने, ऐसे ही वामपंथी और पुलिस बल एक दुसरे के आमने सामने थे.

बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियो को वहां से खदेड़ने के लिए बल प्रयोग किया. उनके ऊपर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया. इस मौके पर पुलिस ने पत्रकारों को भी नही छोड़ा और उनके साथ भी मारपीट की गयी. सोमवार को वामपंथियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की किसान विरोधी नीति के खिलाफ प्रदर्शन की घोषणा की थी. वामपंथियों को उम्मीद थी की इस प्रदर्शन में करीब चार लाख कार्यकर्त्ता जुड़ेंगे.

सोमवार सुबह कोलकाता के मायो और दिल्ली रोड चौराहे पर वाम दलों के कार्यकर्त्ता जुटने शुरू हो गए. टेलीग्राफ की खबर अनुसार पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए करीब दो हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया था. भीड़ बढती देख पुलिस ने कार्यकताओ पर लाठी चार्ज कर दिया जिसके बाद भीड़ अनियंत्रित हो गयी और पुलिस पर पथराव करने लगी. इस दौरान उन्होंने एक पुलिस कर्मी को पकड़कर उसकी बांस के डंडो से पिटाई की.

इस पुलिस कर्मी की पहचान बोद्धिसत्व प्रमाणिक के तौर पर हुई है. इनकी दो उंगलियों में फ्रेक्चर है और उनके चेहरे पर चोटों के निशान है. पुलिस कर्मी की पिटाई से गुस्साये पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियो के ऊपर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. इसके अलावा वाम दल के तीन विधायको को भी हिरासत में लिया गया. यही नही पुलिस ने पत्रकारों को भी नही बख्सा. आर प्लस न्यूज चैनल के फोटोजर्नलिस्ट इंद्रनील भदूरी ने बताया की पुलिस ने उनके चेहरे पर मुक्के मारे और उनके विडियो कैमरे को भी तोड़ दिया.


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