नई दिल्ली | देश में नोट बंदी के बाद से भी सार्वजानिक और निजी क्षेत्र के बैंकों ने ग्राहकों से अतिरिक्त वसूली शुरू कर दी है. दरअसल बैंक यह नही चाहते की जो पैसा लोगो ने बैंकों में जमा किया है वो वापिस निकाला जाए. इसलिए लोगो को कैश निकासी से दूर रखने के लिए नए नए नियम लाये जा रहे है. अभी हाल ही में लगभग सभी बैंकों ने बचत खातो में न्यूनतम राशी रखने का आदेश जारी कर दिया.

ऐसा नही होने पर बैंकों ने कुछ राशी हर्जाने के तौर पर वसूलने का भी आदेश दिया है. इससे पहले मोदी सरकार के आदेश पर सभी बैंकों ने 5 ट्रांसेक्सन से अधिक पर 150 रूपए शुल्क वसूलने का आदेश दिया था. ये चीजे दर्शाती है की न ही बैंक और न ही सरकार यह चाहती है की लोग बैंकों में जमा अपने पैसे की निकासी करे. इसी क्रम में एक खबर आज सुबह से चल रही है जिसका एसबीआई ने खंडन कर दिया है.

दरअसल एसबीआई के एक सर्कुलर में कहा गया था की अब एटीएम से पैसा निकालने पर 25 रूपए चार्ज वसूला जायेगा. जैसे ही यह खबर मीडिया में आई , चारो तरफ इस फैसले की आलोचना शुरू हो गयी. इसलिए एसबीआई ने शाम होते होते इस खबर का खंडन कर दिया. एसबीआई ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा की केवल उन लोगो से चार्ज लिया जायेगा जो मोबाइल वॉलेट के जरिये एटीएम से पैसे निकाल रहे है.

एसबीआई ने बताया की ग्राहकों को एक नई सुविधा देने के लिए हमने एक नई सर्विस शुरू की है. अब अगर कोई ग्राहक एसबीआई के मोबाइल वॉलेट ईबडी में पैसे डालता है तो उसे बैंक यह सुविधा देगा की वो किसी भी एसबीआई एटीएम से कैश निकाल सकेगा. लेकिन इसके लिए बैंक कुछ चार्ज वसूलेगा. अभी तक मोबाइल वॉलेट से केवल डिजिटल ट्रांसेक्सन किया जा सकता था. लेकिन अब इसके जरिये ग्राहक कैश भी हासिल कर सकेंगे.


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