“निलंबित भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने आज डीडीसीए मामले में मोदी सरकार को भी घसीटते हुए कहा कि वह सरकार के अलावा वित्त मंत्री अरूण जेटली के विरूद्ध अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। आजाद ने दावा किया कि सीबीआई अब भी पिंजड़े का तोता ही है।”

बिहार के दरभंगा से सांसद कीर्ति आजाद ने गुरुवार को कहा कि भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच नई दिल्ली में क्रिकेट टेस्ट मैच के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल की रिपोर्ट भी उनके आरोपों से मेल खाती है। उन्होंने कहा कि मुद्गल के दूसरी रिपोर्ट दायर करने के बाद वह मामले में रिट याचिका दायर करेंगे। आजाद ने कहा कि याचिका केंद्र सरकार, राज्य सरकार और सीबीआई के अलावा डीडीसीए के वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के खिलाफ होगी और इसमें स्वतंत्रत प्रशासक नियुक्त करने की मांग के साथ ही क्रिकेट संस्था के मामलों की जांच के लिए समयबद्ध एसआईटी की जांच की भी मांग की जाएगी। आजाद के साथ पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मनिंदर सिंह और सुरिंदर खन्ना और द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त गुरचरण सिंह भी थे।

अब भी पिंजड़े में बंद तोता है सीबीआई: सीबीआई पर सुस्त जांच करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, मुझे नहीं मालूम कि पिंजड़े में बंद तोता कब बाहर आएगा, अपने पंख फड़फड़ाएगा। लगता है कि वह तब काम करना शुरू करेगा जब अदालत कार्रवाई करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायमूर्ति मुद्गल को फर्जी बिल दिए गए और कहा कि डीडीसीए प्रबंधन कितना बेशर्म हो चुका है। आजाद ने दावा किया कि एक अज्ञात व्यक्ति परेश राउत ने डीडीसीए के सभी पदाधिकारियों को मेल भेजकर निर्देश दिया कि एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करें। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि किस तरह से डीडीसीए चल रहा है। बयान में उन्होंने कहा, एक बाहरी व्यक्ति जिसने डीडीसीए को बर्बाद कर दिया है, उसके प्रचारित करने से सुनिश्चित हुआ कि 24 में से 15 निदेशकों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए जबकि नौ निदेशकों ने साहस कर दबाव का विरोध किया और हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।

बाहर से डीडीसीए को निर्जेदेशित करते हैं जेटली: आजाद ने गुरुवार को पिछले साल सितम्बर में जेटली को लिखे पत्र को भी जारी किया जिसमें उन्होंने आरोप लगाए थे कि भाजपा के वरिष्ठ नेता ने डीडीसीए और हॉकी इंडिया के बीच गड़बड़झाले में कुटिल भूमिका निभाई। उन्होंने 13 सितम्बर को लिखा, वह दिन दूर नहीं जब आपको उन सभी लूटों का जवाब देना होगा जो आपके प्रभारी रहते हुआ। आपके समय में जहां क्रिकेट को काफी नुकसान हुआ वहीं आपके विश्वस्त मित्रों को लाभ मिला। जेटली पर हमला जारी रखते हुए आजाद ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने डीडीसीए के पदाधिकारियों को गोपनीय मेल भेजने में भूमिका निभाई जिसमें एक पसंद के ऑडिटर को पुनर्नियुक्त करने और उनके एवं केजरीवाल के खिलाफ अवमानना का मुकदमा दायर करने का जिक्र है। उन्होंने जेटली पर निशाना साधते हुए मीडिया से कहा, हमेशा की तरह बाहर से गैर कार्यकारी भूमिकाएं होती हैं जिनकी कोई जवाबदेही नहीं होती और डीडीसीए के पदाधिकारियों को सलाह देते रहते हैं कि कैसे इसका संचालन करें। जेटली ने इन सभी आरोपों से इंकार किया है और उनके खिलाफ इसी तरह के आरोप लगाने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आप के अन्य नेताओं के खिलाफ दीवानी और फौजदारी अवमानना का मुकदमा दायर किया है।

भाजपा ने सासंद आजाद को जेटली पर लगातार हमला करने के लिए निलंबित कर दिया है और पार्टी का कहना है कि जेटली काफी ईमानदार व्यक्ति हैं। भाजपा ने आजाद को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों नहीं उन्हें निष्कासित कर दिया जाए। आजाद ने हालांकि दावा किया है कि भाजपा उनका निलंबन वापस ले लेगी क्योंकि उन्होंने पार्टी या सरकार को निशाना नहीं बनाया है। (outlookhindi)

 


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें