रोहतक | 9 मई को हरियाणा के रोहतक में हुए दुसरे निर्भया केस ने समाज को झकझोर कर रख दिया है. जिस तरीके से लड़की के साथ दरिंदगी की गयी उसको सुनकर किसी की भी रूह कांप जाये. रोहतक में हुए दुसरे निर्भया केस के बाद विभिन्न राजनितिक लोगो ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. इसमें पूर्व आईपीएस और पोंडिचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी भी शामिल है. लेकिन उन्होंने जो बयान दिया है उस पर कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओ ने एतराज जताया है.

किरण बेदी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा की जब तक माता पिता अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अपने बेटे पर नजर नही रखेंगे ऐसी घटनाएं नही रुकेगी. उन्होंने कहा की माता पिता को देखना चाहिए की उनका बेटा किस माहौल में उठ बैठ रहा है, उसकी संगती क्या है? क्या वो देश के लिए एक सम्पत्ती बन रहा है या धब्बा बनने की और अग्रसर है.

किरण बेदी यही नही रुकी उन्होंने आगे कहा की अब ‘बेटी पढाओ , बेटी बचाओ’ की जगह ‘बेटी बचाओ, अपनी अपनी’ सलोगन होना चाहिए. अगर यह सलोगन पहले जारी कर दिया जाता तो हरियाणा में बेटी के साथ हुआ गैंगरेप और फिर उसकी निर्मम हत्या नही हुई होती. बाद में इसी स्लोगन को किरण ने ट्वीटर पर भी ट्वीट किया. उन्होंने लिखा,’ अपनी अपनी बेटी बचाओ, अपने अपने बेटे को इंसान बनाओ’.

किरण बेदी का यह बयान कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओ को पसंद नही आया और उन्होंने उनसे इस्तीफे की मांग की. महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली सामजिक कार्यकर्त्ता हिना जहीर ने कहा की किरण बेदी अपने बयान के जरिये क्या कहना चाहती है? क्या वो यह कह रही है की अब सरकार महिलाओ की सुरक्षा को लेकर चिंतित नही है इसलिए माँ बाप को ही अपनी बेटी की सुरक्षा करनी होगी? एक वरिष्ठ पद पर होते हुए उन्हें ऐसा बयान शोभा नही देता. उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए.


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