मुंबई में हाजी अली दरगाह की तरफ जाने वाली सड़क पर स्थित किनारा मस्जिद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में संशोधन करते हुए किनारा मस्जिद को हटाने पर रोक लगा दी है. ये फैसला हाजी अली दरगाह ट्रस्ट की और से हालिया आदेश में संशोधन की गुहार याचिका पर दिया गया है.

कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को मस्जिद को नियमित करने की मांग करने वाली याचिका पर हफ्ते भर के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है. दरअसल, ट्रस्ट ने अपनी याचिका में कहा था कि किनारा मस्जिद को नियमित करने का मुद्दा राज्य सरकार की कमेटी के पास विचाराधीन है इसलिए मस्जिद को तोड़फोड़ के दायरे से बाहर रखा जाए और कमेटी को मामले को चार हफ्ते के भीतर निपटारा करने का निर्देश दिया जाए.

चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने हाजी अली न्यास समेत सभी पक्षों की सहमति को दर्ज किया जिसके मुताबिक यदि राज्य सरकार नियमित करने संबंधी याचिका को अस्वीकार करती है तो ऐतिहासिक दरगाह के निकट अतिक्रमित भूमि पर बनी मस्जिद के कुछ हिस्सों को ढहाने का विरोध कोई भी नहीं करेगा.

अब बेंच इस मामले में एक सप्ताह बाद सुनवाई करेगी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को आखिरी मौका दिया था और चेतावनी दी थी कि यदि ऐतिहासिक दरगाह के निकट 908 वर्ग मीटर क्षेत्र के भीतर अवैध बसाहट को दो हफ्तों के भीतर नहीं हटाया जाएगा तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.


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