नई दिल्ली/ चंडीगढ़। जाट कम्युनिटी रिजर्वेशन की मांग को लेकर अराजक हुए आंदोलन पर चर्चा के लिए दिल्ली के हरियाणा भवन में बीजेपी के विधायक दल की मीटिंग हुई। आंदोलन के वक्त हरियाणा में हुई जातीय हिंसा पर बीजेपी नेताओं का गम और गुस्सा इस मीटिंग में फूट पड़ा।

मीटिंग में फूट-फूट कर रोए सीएम खट्टर,1947 के दंगों से भी डरावने थे हालात

सूत्रों के मुताबिक सीएम खट्टर हिंसा को 1947 के दंगों से भी ज्यादा भयावह बताकर फूट-फूट कर रो पड़े। सीएम ने कहा कि हम अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते, दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी।  मीटिंग में गैर जाट विधायकों ने आरोप लगाया, सीएम को कमजोर साबित कर रची थी सत्ता परिवर्तन की साजिश थी। अपने ही समुदाय की बात कहकर सीएम को हिंसा की सही जानकारी नहीं दी गई। बैठक में यह भी आरोप लगे कि जाट मिनिस्टर्स ने अफसरों को कार्रवाई के लिए रोका, कहीं-कहीं उपद्रवियों को भी दिया संरक्षण दिया गया। वहीं विधायकों ने कांग्रेस पर हिंसा फैलाने की साजिश का आरोप लगाया।

सीबीआई जांच की मांग: इस मीटिंग में विधायकों ने कहा कि पूरे मामले की सीबीआई फिर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस से जांच कराई जाए। बैठक में कहा गया कि  इस जातीय हिंसा के पीछे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा की साजिश को लेकर उन पर भी एफआईआर दर्ज हो। दोषी अधिकारियों को केस दर्ज कर अरेस्ट किए जाने के मांग भी उठी।

हिंसा का अफसर भुगतेंगे खामियाजा,बड़ा फेरबदल होगा: हिंसा के दौरान अपनी ड्यूटी जिम्मेदारी से निभाने वाले अफसरों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सरकार रोहतक के बाद अन्य जिलों में भी अधिकािरयों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना चुकी है। इसके अलावा पुलिस में बड़े स्तर पर फेरबदल किया जाएगा। विधायकों मांग पर यह यह बताया गया कि सरकार हर एक संदिग्ध अधिकारी की रिपोर्ट तैयार करवा रही है। इनमें से कई अधिकारियों के नाम सोमवार की बैठक में भाजपा विधायकों ने सामने रखे गए हैं। (liveindiahindi)


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