अजमेर। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 804वें उर्स के मौके पर मेला 4 अप्रेल से शुरु होने वाला है। इसी दिन गरीब नवाज के उर्स का झंडा बुलंद दरवाजे पर चढ़ेगा। इसके बाद से उर्स का मेला शुरु हो जाएगा। इस बार देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा पाकिस्तान, श्रीलंका,बांग्लादेश, इंग्लैंड और कनाडा से ढाई लाख से ज्यादा जायरीन के आने की संभावना है इसके लिए उनके विश्राम स्थाल बनाने और ट्रांसपोर्टेशन वगैरह का इंतजाम किया जा रहा है।

ajmer-sharif-images-10होने लगा है रंग-रोगन और सफाई:
इस बार अधिकतर जायरीन को कायड़ विश्राम स्थली जो कि गरीब नवाज मेहमान खाना के रूप में भी जानी जाती है, में ही ठहराया जाएगा। दरगाह कमेटी की ओर से विश्राम स्थली पर रंग-रोगन व सफाई का काम कराया जा रहा है। जायरीन के लिए पानी की व्यवस्था के साथ ही यहां बिजली के अस्थाई कनेक्शन की व्यवस्था भी की जा रही है। दरगाह से करीब 15 किलोमीटर दूर इस विश्राम स्थली पर ठहरने वाले जायरीन को दरगाह तक आने के लिए रोडवेज बसों का इंतजाम प्रशासन द्वारा किया जाएगा। लगभग 120 अतिरिक्त बसें रोडवेज प्रशासन द्वारा संचालित की जाएंगी।

कायड़ विश्राम स्थली पर इस बार ज्यादा होंगे जायरीन:
दरगाह कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक उर्स के झंडे की रस्म से लेकर बड़े कुल की रस्म के बाद तक कायड़ विश्राम स्थली में आमतौर पर करीब 2.5 लाख जायरीन ठहरते हैं। जायरीन का क्रम चांद की तारीखों के हिसाब से 1 से 3 रजब, 3 से 6 रजब, और 6 से 9 रजब तक लगातार बना रहता है। लेकिन इस बार ट्रांसपोर्ट नगर अस्थाई विश्राम स्थली भी प्रशासन द्वारा बंद कर दी गई है। इस विश्राम स्थली पर ठहरने वाले करीब 50 हजार जायरीन को भी कायड़ विश्राम स्थली में ही ठहराया जाएगा। ऐसे में इस बार कायड़ विश्राम स्थली में जायरीन का आंकड़ा 3 लाख के आसपास पहुंच जाएगा।
जायरीन की बढ़ी संख्या काे देखते हुए दरगाह कमेटी विश्राम स्थली के बाहर खाली पड़ी अन्य भूमि को भी जायरीन को ठहराने के लिए इस्तेमाल करेगी। यहां भी जायरीन के ठहराने के लिए व्यवस्था की जा रही हैं। यहां 2 हजार से अधिक बसों के पार्किंग के लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं।

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