तिरुन्वंत्पुरम | 26 मई को पशु वध से सम्बंधित केंद्र सरकार के एक नोटिफिकेशन ने पुरे देश में हलचल मचाई हुई है. वो राज्य जहाँ बीफ की बड़े पैमाने पर खपत होती है वहां मोदी सरकार के इस नोटिफिकेशन का जमकर विरोध हो रहा है. दरअसल इस नोटिफिकेशन के जरिये सरकार ने पशु वध के मकसद से मवेशियों की खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी है जिससे मांस का कारोबार करने वाला एक तबका काफी प्रभावित हुआ है.

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केरल सरकार ने मोदी सरकार के इस फैसले का खुलकर विरोध किया है. इसी सिलसिले में गुरुवार को विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया गया. सत्र शुरू होने से पहले कुछ विधायको ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ बेहद ही अनोखे अंदाज में विरोध जताया. उन्होंने विधानसभा की कैंटीन में गर्मागर्म बीफ का आनंद लिया. बाद में सत्र शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री पी विजयन ने मोदी सरकार से अपने फैसले को वापिस लेने की अपील की.

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विशेष सत्र के दौरान बोलते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा की केरल में हर साल करीब ढाई लाख तन मांस की बिक्री होती है. जिससे करीब 6552 करोड़ रूपए सालाना का कारोबार होता है. इस व्यापर से पांच लाख लोग जुड़े है जो मोदी सरकार के इस फैसले से एक झटके में बेरोजगार हो जायेंगे. पी विजयन ने बताया की केरल में हर साल 15 लाख मवेशी , दुसरे राज्यों से लाये जाते है.

विजयन ने आगे कहा की पशु वध के लिए मवेशियों की खरीद फरोख्त पर बैन के चलते यह कारोबार प्रभावित हुआ है. लाखो लोग बेरोजगार हो गए है. हमारा मानना है की पशुवध ऐसा विषय नही है जो नियम बनाने के लिए सदन के दायरे में आता है. इसलिए मैं मोदी सरकार से इस फैसले को वापिस लेने की अपील करता हूँ. बताते चले की केरल के अलावा , तमिलनाडु, कर्णाटक और उत्तर पूर्व राज्यों ने सरकार के फैसले का विरोध किया है.

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