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पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने अपनी फेसबुक पोस्ट के जरिये इस बार लीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद खां और बनारस हिंदू यूनीवर्सिटी के संस्थापक मदन मोहन मोहन मालवीय दोनों को निशाना बनाते हुए “ब्रिटिश एजेंट” बताया.

उन्होंने कहा कि सर सैय्यद अहमद खां अंग्रेजों के हाथो की कठपुतली थे. सर सैय्यद अहमद खां ने अंग्रेजों की फूट डालने नीति को आगे बढ़ाते हुए भारत को बहुत नुकसान पहुंचाया है.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, साल 1869 में सर सैय्यद अहमद खां को ब्रिटिश सरकार की तरफ से ऑर्डर ऑफ स्टार इंडिया सम्मान दिया गया था. अगर सर सैय्यद अहमद खां अंग्रेजों के प्रति वफादार न होतो तो उन्हें ये सम्मान क्यों दिया जाता?

उन्होंने मदन मोहन मोहन मालवीय दोनों को ब्रिटिश सरकार का एजेंट बताते हुए कहा, ‘बनारस हिंदू यूनीवर्सिटी और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना अंग्रेजों की फूट डालो, शासन करो नीति का हिस्सा थी. एक यूनिवर्सिटी हिंदू या मुस्लिम कैसे हो सकती है.


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