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जेएनयू परिसर में कथित भारत विरोधी नारेबाजी से जुड़े देशद्रोह के एक मामले में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और दो अन्य छात्रों की नियमित जमानत मंजूर कर दी हैं.

शुक्रवार को अदालत ने यह कहते हुए जमानत दे दी कि उन्हें राहत नहीं देने का कोई आधार नहीं हैं और दिल्ली पुलिस द्वारा अदालत को ये बतायें जाने पर कि कन्हैया और दो अन्य छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने अंतरिम जमानत की शर्तों का दुरूपयोग नहीं किया और जांच में सहयोग किया.

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तिरिक्त सत्र न्यायाधीश रीतेश सिंह ने अपने आदेश में कहा, ‘‘इस तथ्य पर गौर करते हुए कि ये तीन आरोपी अंतरिम जमानत पर हैं और जब और जहां भी बुलाया, वे जांच में शामिल हुए, मैं इन सभी आरोपियों कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की उन्हीं शर्तों पर नियमित जमानत मंजूर करता हूं जिन पर अंतरिम जमानत दी गई थी. न्यायाधीश ने कहा कि इन आरोपियों ने अंतरिम जमानत के समय जमानत संबंधी मुचलके पहले ही भर दिये हैं. ये ही मुचलके अगले आदेश तक प्रभाव में रहेंगे.

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विशेष लोक अभियोजक राजीव मोहन ने कहा कि तीन आरोपियों ने जांच के दौरान ‘‘सहयोग’’ किया और उन्होंने अपनी अंतरिम जमानत का ‘‘दुरूपयोग नहीं’’ किया.


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