मुंबई | समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल के एक बयान पर बुधवार को संसद में कोहराम मच गया. नरेश अग्रवाल ने हिन्दू देवी देवताओं को शराब के साथ जोड़ते हुए कुछ ऐसा कह दिया जो सत्ता पक्ष को नागवार गुजरा और उन्होंने नरेश अग्रवाल से माफ़ी मांगने की मांग की. हालंकि बाद में नरेश ने अपने शब्दों के लिए खेद व्यक्त कर हंगामे को थोडा शांत करने की कोशिश की.

लेकिन बीजेपी नेता और मंत्री अंत तक उनसे माफ़ी की मांग करते रहे. अब इस पुरे मामले में बॉलीवुड अभिनेता कमाल राशिद खान भी कूद पड़े है. उन्होंने गुरुवार को नरेश अग्रवाल का बचाव करते हुए कई ट्वीट किये. कमाल ने अपने ट्वीट के जरिये यह जताने की कोशिश की , की बीजेपी का हिन्दू देवी देवताओं से या आस्था से कोई लेना देना नही है. वो केवल नफरत की राजनीती कर अपना सियासी फायदा साधने में लगी हुई है.

और पढ़े -   पीएम मोदी ने जापानी पीएम शिंजो आबे के साथ मिलकर रखी पहली बुलेट ट्रेन नींव

अपने पहले ट्वीट में कमाल ने लिखा,’  बात आस्था की होती तो, चूहे मारने वाली दवा पर रोक होती, आखिर वो गणेश जी का वाहन है.’ अपने अगले ट्वीट में कमाल ने उन सभी जानवरों को आस्था से जोड़ा जो किसी न किसी भगवान् के वाहक रहे है. उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा ,’ बात आस्था की होती तो, सांप मारने वाले भी जेल में होते या lynching का शिकार होते, क्योंकि आखिर वो भी तो भोलेनाथ का कंठहार है’.

और पढ़े -   नहीं रुक रही मोदी सरकार की हादसों वाली रेल, 2 ट्रेनों के पहिए पटरियों से उतरे

इसके बाद कमाल लिखते है,’बात आस्था की ही होती तो, पूरे भारत में सूअर की भी गाय की तरह पूजा होती, कयोंकि वो भी तो विष्णु जी का अवतार है. बात आस्था की ही होती तो, बन्दर प्रयोगशालाओ में ना मरते, क्योंकि आख़िर वो भी तो हनुमानजी के अवतार है.’ इसके बाद कमाल ने बीजेपी के गौप्रेम पर भी निशाना साधा. उन्होंने लिखा,’ बात आस्था की होती तो रोजाना सैकड़ों गायें गोवा में ना मरती. बात सिर्फ देश में आपसी नफरत फैलाकर राजनीति करने की है’.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE