कोलकाता हाई कोर्ट के जज सीएस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गिरफ्तारी के आदेश को रद्द कर दिया है. उन्होंने आदेश को खारिज करते हुए कहा कि वो पहले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रद्द करने वाला आदेश दे चुके हैं.

जस्टिस कर्णन ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने सुबह 11 बजे आदेश दिया. मैंने सुबह 11.20 पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रद्द करने का आदेश दिया. वो मीडिया को मेरे बयान न छापने का आदेश कैसे दे सकते हैं?” जस्टिस कर्णन चेन्नई के चेपक गवर्नमेंट गेस्ट हाउस में मीडिया से मुखातिब थे.

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दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा के आदेश के साथ मीडिया को जस्टिस कर्णन के किसी भी बयान को न छापने के लिए कहा था. जस्टिस कर्णन ने सवाल उठाते हुए कहा कि “क्या मैं असमाजिक तत्व हूं? क्या मैं आतंकी हूं? वो प्रतिबंध का आदेश कैसे दे सकते हैं? बगैर मेरा पक्ष सुने उन्होंने मेरे खिलाफ कई फैसले दिए हैं? मैं गिरफ्तारी या जेल से नहीं डरता. आम जनता मेरे साथ है. ये न्यायिक व्यवस्था की पूर्ण विफलता है. मैं पहले ही जेल देख चुका हूं.”

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जेल जाने के सवाल पर जस्टिस कर्णन ने कहा, “मैं नेपोलियन की तरह हूं, डॉक्टर अंबेडकर का एक दत्तक पुत्र….वो कहते हैं मैं पागल हूं. अगर मैं पागल हूं तो मुझे जेल क्यों भेजा जा रहा है?” इसी के साथ राष्ट्रपति से मुलाक़ात को लेकर उन्होंने कहा, वो पहले राष्ट्रपति को अपना प्रतिनिधित्व भेज चुके हैं.


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