कोलकाता हाई कोर्ट के जज सीएस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को अवैध करार दे दिया जिसमे उनकी चिकित्सा जांच कराने को कहा गया था. दरअसल आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकारी अस्पताल के चार सदस्यीय मेडिकल टीम उनकी जांच के लिए पहुंची थी.

जांच से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि ”वह पूरी तरह से सामान्य हैं और उनका दिमाग स्थिर है.” जस्टिस कर्णन ने चिकित्सकों को लिखित में दिया,”चूंकि मैं पूरी तरह से सामान्य हूं और मेरा दिमाग स्थिर है, मैं चिकित्सा उपचार का लाभ लेने से इनकार करता हूं.”

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उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में मेरा दृढ़ विचार है कि यह न्यायाधीश (मेरा) का अपमान और उत्पीड़न करता है.” जस्टिस कर्णन ने आगे कहा कि इस तरह की मेडिकल जांच कराने के लिए अभिभावक की सहमति लेनी होती है, ”चूंकि मेरे परिजन यहां नहीं हैं, तो उनकी कोई सहमति भी नहीं है, इसलिए कोई मेडिकल जांच भी नहीं हो सकती.”

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उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी और पुत्र चेन्नई में हैं वहीं दूसरा पुत्र फ्रांस में काम कर रहा है. गौरतलब है कि उच्चतम न्यायलय ने न्यायमूर्ति कर्णन की चिकित्सकों के दल से जांच कराने के आदेश एक मई को दिए थे.


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