कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सीएस कर्णन ने हाल ही में अवमानना केस में सुनाई गई सज़ा को रद्द कराने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से गुहार लगाईं है.

जस्टिस कर्णन की पैरवी कर रहे वकीलों ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से छह महीने की सजा सुनाये जाने के आदेश को निलंबित करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति के समक्ष एक प्रतिवेदन दिया गया है. इस मामलें को लेकर राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि ‘वह ऐसे किसी प्रतिवेदन से अवगत नहीं है.’

और पढ़े -   शरद यादव के आह्वान पर दिल्ली में एकजुट हुए विपक्षी दल

वकीलों ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत न्यायमूर्ति कर्णन की तरफ से ज्ञापन-प्रतिवेदन ईमेल के जरिए भेजा गया है जिसमें उनको सुनाई गई छह महीने की सजा के निलंबन या उस इस पर रोक लगाने की मांग की गई है.

न्यायमूर्ति कर्णन ने सर्वोच्च अदालत में भी एक याचिका दायर कर मांग की थी कि नौ मई के आदेश को वापस लिया जाए, लेकिन प्रधान न्यायाधीश ने इस पर तत्काल सुनवाई से इंकार किया था.

और पढ़े -   कांग्रेस का आरोप, अडानी समूह ने किया 50 हजार करोड़ रूपए का घोटाला, जनता से वसूला जा रहा अडानी टैक्स

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE