अलीगढ | अभी हाल ही में दिल्ली से मथुरा जा रही ट्रेन में बल्लभगढ़ के एक 16 वर्षीय युवक जुनैद की भीड़ ने पीट पीटकर हत्या कर दी थी.  जांच के दौरान पता चला की जुनैद पर हमला करने से पहले कुछ आरोपी उस पर संप्रदायिक टिप्पणी भी कर रहे थे. उस पर गौमांस खाने और पाकिस्तान परस्त होने का भी आरोप लगाया गया. यह एक अकेला मामला नही था जहाँ भीड़ ने मजहब के आधार पर किसी शख्स पर हमला किया हो.

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लेकिन इस मामले के मीडिया में सुर्खिया बटोरने के बाद काफी लोग ऐसे है जिनके मन में एक डर बैठ गया. एक शख्स को इस घटना से इनता डर गया की उसने ट्रेन में सफ़र करने के दौरान अपनी पहचान ही छिपाने का फैसला कर लिया. लेकिन उसकी हरकतों से वो जल्द ही पकड़ा गया. दरअसल यह शख्स बुर्का पहनकर ट्रेन में यात्रा कर रहा था. लेकिन कुछ यात्रियों को जब उस पर शक हुआ तो उन्होंने तुरंत जीआरपी को इसकी सूचना दी.

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर के अनुसार अलीगढ के रहने वाले 42 वर्षीय नजमुल हसन , जुनैद की हत्या से इनता खौफजदा हो गया की उसने ट्रेन में बुर्का पहनकर सफ़र करने का फैसला किया. जीआरपी से पूछताछ के दौरान उसने बताया की मुझे बतौर मुस्लमान यह डर सता रहा था की कही भीड़ उसकी भी पीट पीटकर हत्या न कर दे. उसने यह भी बताया की कुछ दिन पहले रेलवे स्टेशन पर उसका कन्धा एक शख्स से टकरा गया था.

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नजमुल ने बताया की इसके बाद उस शख्स ने मुझ पर सम्प्रदायिक टिप्पणी की और धमकी देते हुए कहा की तुम्हारा शहर में रहना मुश्किल कर दूंगा. इस घटना से भी मैं खौफजदा था. दरअसल नजमुल अलीगढ से दिल्ली आता जाता रहता है. उधर जीआरपी ने पूछताछ के बाद उसको छोड़ दिया. वही पुलिस एसएसपी राजेश पांडे के अनुसार नजमुल ने जो दावे किये है वो जांच में सभी सही पाए गए है.


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