खालिद के पिता ने कहा, ‘मैंने 1985 में सिमी को छोड़ दिया था। उस वक्‍त तक मेरा बेटा पैदा भी नहीं हुआ था। हां मैं सिमी के साथ जुड़ा हुआ था, लेकिन तब उसके खिलाफ एक भी आरोप नहीं था।’ इलियास ने कहा कि उमर को मुस्लिम होने सजा दी जा रही है।’ 

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जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में 9 फरवरी को कथित तौर पर देशद्रोही नारे लगाने के आरोपी उमर खालिद के पिता ने कहा कि उनके बेटे को पुलिस और मीडिया टारगेट कर रहे हैं। 62 वर्षीय सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा, ‘मेरे बेटे को मेरे अतीत की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। मैंने 1985 में सिमी को छोड़ दिया था। उस वक्‍त तक मेरा बेटा पैदा भी नहीं हुआ था। हां मैं सिमी के साथ जुड़ा हुआ था, लेकिन तब उसके खिलाफ एक भी आरोप नहीं था।’ इलियास ने कहा कि उमर को मुस्लिम होने सजा दी जा रही है। इलियास ने कहा, ‘जेएनयू में हुए उस ‘इवेंट’ के पोस्‍टर को देखेंगे तो उसमें 10 नाम थे, जिसमें मेरे बेटे का नाम सातवें नंबर पर था, लेकिन मीडिया की नजर में वह मुख्‍य आरोपी है। उसे ही देश के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जा रहा है। मेरे परिवार के लोग डरे हुए हैं कि मैं मीडिया को इंटरव्यू दे रहा हूं। उन्‍हें लगता है कि उमर के बाद मीडिया मुझे निशाना बनाएगा, लेकिन हम चुप नहीं रह सकते हैं।

उन्‍होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे और कन्हैया को अलग-अलग तरीके से ट्रीट किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार ‘फूट डालो और राज करो’ की पॉलिसी पर चल रही है। जेएनयू में देशद्रोही नारेबाजी के मामले में कन्हैया तो अरेस्ट हो चुका है, लेकिन खालिद उसी दिन फरार हो गया था। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। हालांकि, पुलिस दावा कर रही है कि 6 से 9 फरवरी के बीच उसके फोन से ढेरी सारी कॉल्स की गईं। इलियास ने कहा, ‘हम उमर और कन्हैया के साथ हैं, लेकिन पुलिस और मीडिया इनके लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं। मेरे बेटे के तो आतंकी गुटों से रिश्ते तक बताए जा रहे हैं। इलियास ने कहा, ‘मैं अपने बेटे से अपील करता हूं कि वह सामने आकर कानून का सामना करे, लेकिन मुझे उसकी सेफ्टी की चिंता सता रही है। अगर उसने देशद्रोही नारे लगाए हैं तो उसे कानून का सामना करना चाहिए।’

दिल्ली पुलिस की एक टीम शिमला भेजी गई है। बताया जा रहा है कि खालिद के फोन की आखिरी लोकेशन शिमला में ट्रैस की गई थी। जेएनयू मामले में पुलिस को खालिद के अलावा छह और लोगों की तलाश है। इसमें सीपीआई नेता डी. राजा की बेटी भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि जिन सात लोगों की तलाश है उन सभी के मोबाइल स्विच ऑफ हैं। डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन का नेता उमर महाराष्ट्र का रहने वाला है। 9 फरवरी को संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर कार्यक्रम आयोजित कराने वालों में खालिद भी था। प्रोग्राम की इजाजत रद्द होने के बाद जब डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन और लेफ्ट के लोग जेएनयू में मार्च कर रहे थे, तब उमर उनकी अगुआई कर रहा था। (Jansatta)


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