संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी को लेकर जेएनयू में एक कार्यक्रम आयोजन से उठे विवाद के बीच विभिन्न छात्र संगठन संयुक्त रूप से एक सप्ताह तक ‘लोकतंत्र की रक्षा’ में अभियान चलाएंगे.

एआईएसए, एआईएसएफ, केवाईएस और एनएसयूआई सहित विभिन्न छात्र संगठनों के एक संयुक्त बयान में रविवार को कहा गया कि जेएनयू पर आरएसएस-बीजेपी का चरणबद्ध तरीके से हमला पिछले कुछ सप्ताह में तेज हुआ है. नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद में, जेएनयू को लेकर जारी कार्रवाई का बचाव किया है.’

और पढ़े -   देश में बढ़ रहा है मुस्लिमों पर अत्याचार, अब तो कुछ करे मोदी सरकार

बयान में कहा गया कि ‘मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने जेएनयू के आठ छात्रों का नाम प्रथम दृष्टया दोषी के तौर पर लेने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति की आंतरिक और अंतरिम रिपोर्ट का हवाला दिया है.’ इसमें कहा गया है कि आठ छात्रों का नाम संसद में लेकर उन्होंने अपने आधिकारिक पद का दुरूपयोग किया है.

और पढ़े -   जानिये क्या हुआ जब योग करते हुए स्वास्थ्य मंत्री का हाथ छु गया वसुंधरा राजे का हाथ..

छात्र संगठनों ने घोषणा की है कि वे 29 फरवरी से पांच मार्च तक ‘लोकतंत्र की रक्षा’ में एक अखिल भारतीय अभियान चलाएंगे. बयान में कहा गया है कि सभी छात्र संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति, गृह मंत्री और सांसदों से मिलेगा. दो मार्च को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन होगा और उसी दिन संसद तक एक मार्च निकाला जाएगा. (Aaj Tak)

और पढ़े -   भारत क़तर से निकालेगा अपने नागरिकों को, 7 लाख इंडियन किए जाएंगे एयरलिफ्ट

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE