केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक यह एक एहतियाती कवायद है ताकि जेएनयू जैसी घटनाएं दोबारा न हों

कोलकाता पुलिस ने कॉलेजों से कहा, जम्मू-कश्मीर के छात्रों के नाम बताओ

कोलकाता पुलिस इन दिनों शहर के कॉलेजों में पढ़ रहे उन छात्रों की जानकारियां जुटाने में लगी है जो जम्मू-कश्मीर से हैं. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने सभी कॉलेजों से कहा है कि वे इस राज्य से ताल्लुक रखने वाले छात्रों से जुड़ी जानकारियां दें. जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के खिलाफ यहां के जादवपुर विश्वविद्यालय में विशाल विरोध प्रदर्शन हुए थे.

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस का यह नोट कॉलेज के प्रिंसिपल के नाम है. इसके शब्द हैं, ‘कृपया हमें अपने संस्थान में पढ़ने वाले उन छात्रों के नाम बताएं जिनका स्थायी पता जम्मू और कश्मीर में है.’ इसमें यह भी कहा गया है कि यह जानकारी आगे नई दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक स्थित भारत सरकार के गृह मंत्रालय को भेजी जानी है.

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इस नोट पर उस पुलिस थाने के इंटेलिजेंस इंचार्ज के दस्तखत हैं जिसके क्षेत्र में संबंधित कॉलेज पड़ता है. खबर के मुताबिक इसे फरवरी के आखिरी हफ्ते में भेजा गया था जब जेएनयू और जादवपुर विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी था.

ये जानकारियां जुटाने का अनुरोध केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की तरफ से आया था जिसके बाद कोलकाता पुलिस की विशेष शाखा ने यह काम शुरू किया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कहते हैं

पुलिस ने इस सर्वे की बात मानी है. रिपोर्ट के मुताबिक ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (इंटेलिजेंस) पल्लव कांति घोष का कहना है कि कॉलेजों को ऐसा एक नोट भेजा गया है. यह पूछे जाने पर कि ऐसा करने का मकसद क्या है, उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

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नाम न बताने की शर्त पर कुछ दूसरे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये जानकारियां जुटाने का अनुरोध केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की तरफ से आया था जिसके बाद कोलकाता पुलिस की विशेष शाखा ने यह काम शुरू किया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कहते हैं, ‘यह जम्मू-कश्मीर के छात्रों पर एक डॉजियर बनाने की कोशिश है ताकि हम उनकी हरकतों पर नजर रख सकें.’ शीर्ष स्तर के ये अधिकारी बताते हैं कि ऐसा काम वे पहली बार कर रहे हैं.

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रिपोर्ट के मुताबिक गृहमंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है, ‘जेएनयू विवाद के बाद केंद्र ने सारे राज्यों से ऐसे एहतियाती कदम उठाने को कहा था जिससे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.’ मंत्रालय के मुताबिक सभी राज्यों के लिए इस संबंध में एक ‘जनरल एडवाइजरी’ जारी की गई थी. (satyagrah)


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