“जनता दल (यूनाइटेड) ने आज अटाॅर्नी जनरल के इस रूख की आलोचना की है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया अल्पसंख्यक संस्थान नहीं हैं। कांग्रेस ने भी इस कदम पर अपना एेतराज जताया। हालांकि सरकार ने कहा कि अल्पसंख्क संस्थानों के अधिकारों की हिफाजत की जाएगी।”

अटाॅर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने पिछले हफ्ते उच्चतम न्यायालय में कहा था कि सरकार के विचार में एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है। बाद में उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को दिए एक विचार में कहा था कि जामिया मिलिया इस्लामिया को एक केंद्रीय अधिनियम के जरिए स्थापित किया गया है और इसलिए इसे एक अल्पसंख्यक संस्थान नहीं बताया जा सकता।

जदयू महासचिव केसी त्यागी ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यह राज्य में ध्रुवीकरण करने की कोशिश है। कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने इस कदम पर अपनी पार्टी की ओर से आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि जहां तक इन स्थानों की मौजूदा स्थिति की बात है यथास्थिति कायम रखी जानी चाहिए।

उधर, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि देश में अल्पसंख्यक संस्थानाें के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और उनके हितों को नुकसान नहीं पहुंचेगा। साभार: outlookhindi


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