हरियाणा में जाट आरक्षण के नाम पर शुरू हुई सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. जाट आरक्षण विधेयक को विधानसभा में पास हुए अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं कि ये मामला एक बार फिर कोर्ट की चौखट पर पहुंच गया है. हाईकोर्ट के वकील शक्ति सिंह ने जाट आरक्षण विधेयक को चुनौती दी है. अपनी याचिका में शक्ति सिंह ने कहा है कि सरकार ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर जाटों को आरक्षण दिया है.

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जाट आरक्षण बिल पर मंडराया खतरा, हाईकोर्ट में दी गई चुनौती

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को जाट आरक्षण विधेयक विधानसभा में पारित हुआ था. जिसमें जाट समेत छह जातियों को बीसी की सी कैटेगरी के तहत आरक्षण दिया गया है.

गौरतलब है कि सरकार की ओर से पेश किए गए बिल के बाद हरियाणा में पहली और दूसरी श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 50 फीसदी, जबकी तीसरी और चौथी श्रेणी में 67 फीसदी नौकरियां आरक्षित हो गई हैं.

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कई नेता भी कोर्ट जाने को तैयार

हरियाणा सरकार ने आरक्षण नीतियों में बदलाव कर जाट बिश्नोई समेत कई जातियों को आरक्षण का लाभ देने की घोषणा तो कर दी और विधानसभा में विधेयक भी ला दिया, लेकिन अब ओबीसी कैटेगरी के कई नेता जाट आरक्षण बिल के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में हैं.

भाजपा सांसद राजकुमार सैनी पहले ही जाट आरक्षण बिल को गलत करार दे चुके हैं तो वहीं हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव अब इस बिल के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में हैं. बुधवार को एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने जाट आरक्षण बिल को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए कहा कि वे इस बिल के खिलाफ कोर्ट जाएंगे. (Pradesh18)

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