नई दिल्ली | आज पुरे देश में बड़े हर्षोउल्लास के साथ ईद-उल-फितर का त्यौहार मनाया जा रहा है. भाई चारे और सोहार्द का सन्देश देने वाले इस त्यौहार के दौरान ईद मिलन कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है. हर साल मुस्लिमो के सामाजिक और धार्मिक संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिन्द इस कार्यक्रम का आयोजन करता है लेकिन इस साल उसने इस आयोजन को रद्द करने का फैसला किया है.

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए संगठन के महमूद मदनी ने देश के मौजूदा संप्रदायिक माहौल का हवाला देकर इस कार्यक्रम को रद्द करने की बात कही. उन्होंने कहा की देश के मौजूदा हालत को देखते हुए ईद मिलन जैसे कार्यक्रम का कोई औचित्य नही है. हमें बड़ी तकलीफ के साथ यह फैसला लेना पड़ रहा है. पहले यह कार्यक्रम 30 जून को आयोजित होने वाला था.

और पढ़े -   हिन्दू महासभा ने मोदी सरकार को लिया आड़े हाथो कहा, हम सरकार बनाना जानते है तो गिराना भी

महमूद मदनी ने फिलहाल के माहौल पर बात करते हुए कहा की देश में मुसलमानों के प्रति सही बर्ताव नही हो रहा है. बीफ और गौतस्करी को लेकर हाल फ़िलहाल में हुई कई घटनाओ से लोग दुखी है. हालात ऐसे है की हमें अपने बच्चो को समझाना पड़ रहा है की अगर बस या किसी अन्य सार्वजनिक साधन में कोई आपके खिलाफ कुछ कमेंट करे तो उसका जवाब देने की कोई जरुरत नही है बल्कि उसे सह ले.

और पढ़े -   रोहिंग्या मुस्लिम मामले में मोदी पर बरसे मणिशंकर कहा, भारतीय मुस्लिमो को 'कुत्ता' समझने वाले से क्या रखे उम्मीद

मदनी ने आगे कहा की हमें इस बात की ज्यादा चिंता है की इन हालातो से अपने बच्चो को कट्टरपंथ से दूर रखने के उनके प्रयास प्रभावित हो रहे है. फ़िलहाल देश में संप्रदायिक सोहार्द घट रहा है इसलिए हमने देश के इंसापसंद और अमनपसंद लोगो की मर्जी का सम्मान करते हुए बड़ी तकलीफ के साथ ईद मिलन कार्यक्रम रद्द करने का फैसला लिया है. और वैसे भी मौजूदा हालातो में ऐसे कार्यक्रम को कोई औचित्य नही है.

और पढ़े -   नोटबंदी और जीएसटी से जीडीपी पर प्रतिकूल असर पड़ा है: पूर्व पीएम मनमोहन सिंह

मदनी ने बताया की उनका मकसद सरकार को यह जताना है की वो अल्पसंख्यक और उत्पीड़ितो की सुरक्षा करने में नाकाम रही है. कानून व्यवस्था लचर हो चुकी है. हमें उम्मीद है की सरकार हमारी भावनाओ को समझ देश के शोषित समाज को सुरक्षा प्रदान कर शांति और अमन का वातावरण कायम करेगी. इससे पहले जमीयत उलेमा-ए-हिन्द का एक प्रतिनिधि मंडल प्रधानमंत्री से मुलाकात कर अपनी परेशानियों से उनको अवगर करा चूका है.


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE