देश भर में कश्मीरी छात्रों को शक की नजरों से देखा जाता है, वहीँ कथित राष्ट्रवाद के ठेकेदारों ने उन्हें आतंकियों के रूप में बदनाम कर दिया हैं. रोजाना देश के विभिन्न हिस्सों से कश्मीरी छात्रों पर हमलें होने की खबरे मिलती है. लेकिन अब उनका पुलिस उत्पीडन भी हो रहा है. ऐसे में अब वे हथियार उठाना बेहतर समझ रहे है.

मामला पंजाब का है. जहाँ अपना भविष्य संवारने के लिए रह रहे अपमानित कर तीन कश्मीरी युवाओं को घर से बाहर निकाल दिया गया. दरअसल इन सभी कश्मीरी छात्रों का दर्जनभर पुलिस अधिकारियों ने आकर वेरिफिकेशन किया था. इस दौरान उनके घर की तलाशी भी ली गई.

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कश्मीरी तजामुल इमरान ने कहा कि पुलिस वाले वेरिफिकेशन कहकर घर में दाखिल हुए लेकिन बाद में उन्होंने पूरे घर को उलट-पलट दिया. इमरान ने बताया कि एक पुलिस अफसर ने उन पर तंज कसते हुए कहा- “यहां पर करने कुछ आते हो और वहां पर कुछ और ही करते हो.” इमरान ने आगे बताया पुलिस वालों ने उनसे यह भी पूछा कि क्या उनके(कश्मीरियों) पास कोई हथियार तो नहीं है.

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ऑल इंडिया जम्मू एवं कश्मीर छात्र संघ के अध्यक्षइमरान ने कहा, पुलिस ने उस प्रोपर्टी डीलर को भी बुलवाया जिसने उन्हें किराए पर घर दिलवाया था और फिर उसी के जरिए ही घर खाली कराया गया. उसने आगे कहा कि उनके व्यवहार से ऐसा लग रहा था कि वे हमें लगभग आतंकवादी ही समझ रहे हैं.

इमरान ने पुलिस के इस रवैये पर कहा कि पुलिस द्वारा उन्हें ‘देश के लिए खतरा’ समझे जाने की जिल्लत से बेहतर है कि वे बंदूक उठा लें. हालांकि पंजाब पुलिस ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि तलाशी नियमित अभियान का हिस्सा था.

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