should-pragya-thakur-too-be-gunned-down-like-ishrat-jehan

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात शासन के दौरान हुए इशरत जहां ‘फर्जी मुठभेड़’ मामले में गायब हुए सरकारी दस्तावेजों को लेकर गृह मंत्रालय की और से एफ़आईआर दर्ज कराई गई हैं.

इस सबंध में गृह मंत्रालय में कार्यरत अवर सचिव ने संसद मार्ग पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन) के तहत एफ़आईआर दर्ज करवाई है. इसमें एफ़आईआर में पुलिस से कहा गया कि  क्यों, कैसे और किन परिस्थितियों में पांच दस्तावेज गायब हो गए. इस बारें में जांच की जाएँ.

दरअसल ये दस्तावेज सितंबर 2009 में गायब हुए थे. इस दौरान गृह मंत्रालय का जिम्मा तत्कालीन गृह मंत्री पी चिदंबरम के पास था. इसके लिए एक समिति भी गठित की गई थी. अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने अपना निष्कर्ष दिया था कि सितंबर 2009 में दस्तावेजों को जानबूझ कर या अनजाने में हटा दिया गया अथवा वे गायब हो गए.

हालांकि जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में चिदंबरम या तत्कालीन कांग्रेस सरकार में किसी भी व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहा.


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

Related Posts