शर्मिला ने इस कानून को सख्त बताते हुए इसे हटाने की मांग को लेकर 2002 में अपना अनशन शुरू किया था।

मणिपुर की मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला चानू ने राज्य में लागू विवादित सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा) को हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को यहां की ऐतिहासिक शहीद मीनार परिसर में अपना बेमियादी अनशन फिर से शुरू कर दिया। इरोम शर्मिला 15 साल से अनशन पर हैं। अदालत ने उन्हें सोमवार को ही आत्महत्या के प्रयास के आरोप से बरी किया।

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इंफल पश्चिम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सोमवार को शर्मिला को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया, जिसके बाद वह जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेस अस्पताल से निकलकर बाहर आईं और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ शहीद मीनार की ओर रवाना हो गईं। अपनी मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए शर्मिला ने वहां पहुंचकर अपना अनशन फिर शुरू किया। उन्होंने मीडिया को बताया कि वह अपना अहिंसक आंदोलन जारी रखेंगी। राज्य में व्याप्त अशांति के समाधान के लिए हिंसा का इस्तेमाल उचित नहीं है। शर्मिला ने इस कानून को सख्त बताते हुए इसे हटाने की मांग को लेकर 2002 में अपना अनशन शुरू किया था। (jansatta)

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