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केंद्रीय कपडा मंत्री स्मृति ईरानी की फर्जी डिग्री विवाद में मुश्किलें बढ़ गई हैं. चुनाव आयोग ने स्मृति ईरानी के सर्टिफिकेट अदालत को सौप दिए है. इस मामलें में अदालत अपना फैसला 18 अक्टूबर को सुनाएगी.

स्मृति पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान दायर अपने हलफनामे में गलत सर्टिफिकेट उपलब्ध कराये थे. जिसके बाद कोर्ट ने चुनाव आयोग से स्मृति ईरानी के सर्टिफिकेट मांगे थे. चुनाव आयोग ने आज सारे सर्टिफिकेट कोर्ट में जमा करा दिए हैं.

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यह याचिका अहमेर खान द्वारा लगाई गई हैं. जिसमे उन्होंने कहा हैं कि स्मृति ने निर्वाचन आयोग के समक्ष वर्ष 2004, 2011 और 2014 के लोकसभा और राज्यसभा चुनावों में दिए गए शपथपत्रों में अपनी शैक्षिक योग्यता अलग-अलग बताई है.

गौरतलब रहें कि जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत अगर कोई उम्मीदवार गलत जानकारी देता है, तो उसे सजा हो सकती है.

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