कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में भारत और पाकिस्तान की और से की गई जिरह के बाद सुनवाई पूरी हो चुकी है. अब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय गुरुवार को अपना फैसला सुनाएगा.

इंटरनेशल कोर्ट में 11 जजों की बेंच के सामने दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा. इस दौरान भारत ने पाकिस्तान पर वियना संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया तो  वहीँ पाकिस्तान ने कहा कि जासूसों के मामले में वियना संधि नही आती है.

दरअसल, पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को 3 मार्च, 2016 को ईरान से पाकिस्तान में अवैध घुसपैठ के चलते गिरफ्तार करने का दावा किया था. इसके बाद पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी का दोषी मानते हुए 10 अप्रैल 2017 को फांसी की सजा सुनाई.

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उसके बाद भारत ने इस फैसले को इंटरनेशल कोर्ट में चैलेंज किया. कोर्ट ने 10 मई को फांसी पर रोक लगाते हुए दोनों देशों से अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था.

पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 

  1. जाधव का कबूलनामा सुनना ज़रूरी
  2. इसे राजनीति का रंगमंच न बनाए भारत
  3. जाधव के पासपोर्ट की बात करे भारत
  4. बलूचिस्तान में जाधव की गिरफ्तारी
  5. ये अर्जेंसी का मामला नहीं
  6. जाधव के पासपोर्ट में मुस्लिम नाम
  7. आपराधिक केस ICJ के दायरे में नहीं
  8. अदालत का वक्त बर्बाद न करे भारत
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भारत की दलील

  1. यह मामला पूरी तरह इस अदालत के दायरे में आता है
  2. जाधव को काउंसेलर एक्सेस नहीं देना साफ तौर पर वियना कन्वेंशन का उल्लंघन है
  3. केस में मदद काउंसेलर एक्सेस की शर्त नहीं हो सकती
  4. मौत की सज़ा सुनाने के बाद केस में सहयोग मांगा जा रहा था
  5. मिलिट्री कोर्ट में चला केस मज़ाक है
  6. सेना की गिरफ्त में होते हुए लिया गया इकबालिया बयान केस का आधार है
  7. भारत को जाधव के खिलाफ कोई सबूत नहीं दिए गए
  8. (बिना काउंसेलर एक्सेस के) हमें ये तक नहीं पता कि वो पाकिस्तान पहुंचा कैसे
  9. FIR  में उसे भारतीय बताया गया पर हाई कमीशन के अधिकारियों से मिलने नहीं दिया गया
  10. हमें डर है कि इस केस की सुनवाई खत्म होने के पहले ही उसे सज़ा ना दे दी जाए
  11. पिछले महीने ही 18 को मिलिट्री कोर्ट के फैसले के बाद फांसी दी गई
  12. इसलिए ये मामला अर्जेंट है
  13. अंतरराष्ट्रीय कानूनों, मानवाधिकारों का पाकिस्तान ने पालन नहीं किया
  14. फौरन सजा को रद्द किया जाए
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