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केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से कश्मीर में छर्रे वाली बंदूक यानी पैलेट गन के विकल्प की तलाश पूरी हुई हैं.  विशेषज्ञ समिति ने पैलेट गन की बजाय मिर्च से भरे हुए ‘पावा गोलों’ का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ गृह मंत्रालय के एक पैनल ने भारत प्रशासित कश्मीर में पैलेट गन के विकल्प के तौर पर कम घातक माने जाने वाले मिर्च पाउडर के गोले इस्तेमाल करने की सलाह दी है.

विशेषज्ञ पैनल ने कहा है कि यह पीएवीए गोला निशाना बनाए गए व्यक्ति को परेशान और कुछ देर के लिए कमज़ोर कर देगा. नए मिर्च के गोलों में पेलरगोनिक एसिड विनाइल एमाइड (पीएवीए) होता है. ये आर्गेनिक पदार्थ मिर्च पाउडर में पाया जाता है.

विशेषज्ञ पैनल ने कहा है कि यह पीएवीए गोला निशाना बनाए गए व्यक्ति को परेशान और कुछ देर के लिए कमज़ोर कर देगा. लखनऊ स्थित भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान बीते साल से इस पर शोध कर रहा है.

समिति के कामकाज से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पैनल ने छर्रे वाली बंदूकों के विकल्प के रूप में ‘पावा गोलों’ का पक्ष लिया है और सिफारिश की है कि ग्वालियर स्थित बीएसएफ के टियर स्मोक यूनिट (टीएसयू) को तुरंत गोलों के उत्पादन का काम सौंप दिया जाए. पहली खेप में कम से कम 50,000 गोलों का उत्पादन किया जाए.


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