filis

भारत ने फलस्तीन में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि फलस्तीन मामले के स्थायी एवं समग्र शांतिपूर्ण समाधान के लिए वार्ता ही एकमात्र व्यावहारिक विकल्प है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि तन्मय लाल ने कल यहां ‘फलस्तीन का प्रश्न’ विषय पर महासभा की वाषिर्क चर्चा में कहा, ‘‘यह खेदजनक है कि सुरक्षा स्थिति खराब होती जा रही है। संयम अनिवार्य आवश्यकता है।’’ लाल ने कहा कि भारत का दृढ़ता से यह मानना है कि फलस्तीन मामले के न्यायसंगत, स्थायी एवं व्यापक शांतिपूर्ण समाधान के लिए वार्ता ही एकमात्र व्यावहारिक विकल्प है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष वार्ता फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली दोनों पक्षों के बीच शांतिपूर्ण वार्ता की जल्द शुरूआत को लेकर आशान्वित है।

लाल ने ‘फलस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता के अंतरराष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के संदेश का हवाला दिया जिसमें उन्होंने फलस्तीन के प्रति भारत का समर्थन और इस्राइल के साथ शांति से रहने वाले संप्रभु, स्वतंत्र देश के लिए फलस्तीनी लोगों के संघर्ष में उनके साथ एकजुटता दिखाई है।

उन्होंने कहा कि मोदी ने फलस्तीन के विकास एवं देश निर्माण प्रयासों में तकनीकी एवं वित्तीय मदद के जरिए भारत के जारी समर्थन की फिर से पुष्टि की।

भारत ने फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी को दिया जाने वाला अपना योगदान बढ़ाकर 12 लाख 50 हजार डॉलर कर दिया है। भारत ने ‘नेशनल अर्ली रिकवरी एंड रीकंस्ट्रक्शन प्लैन फॉर गाजा’ के लिए 40 लाख डॉलर का भी योगदान दिया है। भारत सरकार यात्ता एवं हेब्रोन में दो व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने में मदद कर रही है। (भाषा)


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment

Related Posts

loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें
SHARE