नई दिल्ली | भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने भारत के हथियार और गोला बारूद को लेकर बेहद ही चौकाने वाला खुलासा किया है. कैग रिपोर्ट के अनुसार युद्ध की स्थिति में भारत के पास केवल 10 दिनों तक युद्ध लड़ने का गोला बारूद मौजूद है. इससे पहले कैग रक्षा मंत्रालय और आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा चूका है.

शुक्रवार को संसद में पेश कैग रिपोर्ट में कहा गया की युद्ध होने पर भारतीय सेना के पास केवल 10 दिनों का वार रिजर्व है. जबकि युद्ध के लिए कम से कम 40 दिन के वार रिजर्व की जरुरत पड़ती है. हालंकि कैग ने उम्मीद जताई की अगले दो साल में भारत युद्ध के लिए पूरी तरह सक्षम होगा क्योकि अभी हाल ही में हुए रक्षा सौदों को पूरा होने में दो साल का समय लग जाएगा.

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इसके बाद भारत के पास बेहतरीन हथियार और जरुरत के हिसाब से गोला बारूद उपलध होंगे. रिपोर्ट में कई और मुद्दों पर भी चिंता जताई गयी है. रिपोर्ट में कहा गया की कई बार ख़राब गोला बारूद की वजह देश का सही गोला बारूद बर्बाद हो जाता है. रिपोट के अनुसार ख़राब गोला बारूद को ठिकाने नही लगाने की वजह से आयुध डिपो में आग लगती है. देश में ऐसी काफी घटनाये घटित हो चुकी है.

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रिपोर्ट में एक चौकाने वाला खुलासा यह भी किया गया की 2013 से सेना के लिए हथियारों की गुणवता और उपलब्धता बढाने के लिए कोई भी ठोस कदम नही उठाया गया. बड़ी बात यह है की भूतपूर्व थलसेना अध्यक्ष वीके सिंह पहले भी गोला बारूद की कमी का मुद्दा उठा चुके है. भारत के लिए यह इसलिए भी चिंता का विषय है क्योकि यह रिपोर्ट उस समय आई है जब डोकलाम सीमा विवाद मे चीन भारत को कई बार युद्ध की धमकी दे चूका है.

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