मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से गुपचुप तरीके से मुलाकात के बाद जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी की पार्टी मुस्लिम मजलिसे अमल में फूट पड़ गई है.

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सैयद बिलाल नूरानी ने बुखारी पर मुस्लिम हितों के सौदेबाजी का आरोप लगते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. नूरानी का आरोप है कि बुखारी ने अपने दामाद एमएलसी उमर के साथ 16 फ़रवरी को बंद गाड़ी में मुख्यमंत्री से मुलाकात की. इतना ही नहीं इस मुलाकात की जानकारी न ही उन्होंने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष को दी और न ही किसी अन्य को.

उनका आरोप था कि बुखारी मुस्लिमों के हितों को ताक पर रखकर अपने लिए सौदेबाजी करने गए थे. नूरानी ने कहा कि जब शनिवार को राजधानी लखनऊ में पार्टी की बैठक होनी ही थी तो इस तरह से मुलाकात की क्या जरुरत थी. उन्होंने कहा कि अगर मुलाकात हुई भी तो पार्टी पदाधिकारियों को विश्वास में क्यों नहीं लिया गया और मुलाकात का मुद्दा क्या था. यह क्यों नहीं बताया गया.
नूरानी का आरोप है कि निश्चित तौर पर वह चुनाव से पहले अपने और परिवार के लिए सौदेबाजी करने गए थे जैसा की वह पहले भी करते रहे हैं. गौरतलब है कि इस बगावती तेवरों के बीच मुस्लिम मजलिसे अमल की बैठक होटल चरन में हुई जहां महज 18-20 लोग ही शामिल हुए. जबकि इस कार्यक्रम के लिए 100 से ज्यादा लोग बुलाए गए थे. इस बैठक का मुद्दा अखिलेश सरकार के चार सालों का मुस्लिम समुदाय के प्रति किये गए कार्यों की समीक्षा करना था.

बुखारी के प्रेस कांफ्रेंस में हंगामा: मीटिंग बाद जेमिनी होटल में चल रहे बुखारी के प्रेस कांफ्रेंस में जमकर हंगामा हुआ. बागियों ने वहां पहुंचकर बवाल काटा. इस बीच पुलिस ने बीच बचाव किया. हंगामे के बाद प्रेस कांफ्रेंस को रोक दिया गया.
दरअसल प्रेस वार्ता के दौरान एक सवाल पूछने पर बुखारी भड़क गए. इसके बाद उनके समर्थकों ने पत्रकार से धक्का-मुक्की की और उसे बहार निकाल दिया. (jantakiawaz)


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