राजद्रोह के आरोप में जेल में बंद जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के बड़े भाई मणिकांत सिंह ने कहा है कि जिस तरह से भगवान कृष्ण का जन्म जेल में हुआ था उस तरह से यह कारावास मेरे भाई का असली जन्म है।

 प्रोफेसर बनने के उद्देश्य से कन्हैया ने जेएनयू में दाखिला ल...

उन्होंने कहा, ‘जब वह बाहर आएगा तो अलग शख्स होगा, साथ ही अपनी विचारधारा और सत्य के लिए संघर्ष के प्रति अधिक समर्पित होगा।’

और पढ़े -   स्वतंत्रता संग्राम में मुस्लिमो की थी अहम् भूमिका, हिन्दुत्वादी संगठनों ने कुछ नही किया-प्रशांत भूषण

हाई कोर्ट की ओर से कन्हैया की जमानत की सुनवाई को कई बार स्थगित किए जाने के बाद उन्होंने कहा, ‘अगर जमानत नहीं मिलती है तो मेरा भाई जेल से अपनी पीएचडी पूरी करेगा जैसे भगत सिंह ने की थी।’

मणिकांत और उनके चाचा कन्हैया को जेल भेजे जाने के दो दिन बाद दिल्ली आ गए थे, उनको उम्मीद थी कि कन्हैया को जल्दी जमानत मिल जाएगी लेकिन सुनवाई में हो रही देरी को लेकर वह लोग एक से दो दिन में वापस अपने गांव जा रहे हैं।

और पढ़े -   हिंदुत्व एवं हिन्दू की रक्षा करने के लिए सेना तैयार करेगी आरएसएस और बीजेपी

असम में अपना निजी बिजनस करने वाले मणिकांत कहते हैं, ‘मेरी मां कन्हैया को देखने आना चाहती थी लेकिन बीमार पिताजी के कारण वह नहीं आ पाईं। गांव से आते वक्त मैंने अपनी मां को विश्वास दिलाया था कि कन्हैया को साथ लेकर घर आऊंगा लेकिन मुझे अब डर लग रहा है कि जब घर वापस जाऊंगा तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी।’

और पढ़े -   कमाल राशिद खान ने किया नरेश अग्रवाल का बचाव कहा, बात आस्था की होती तो देश में सूअर भी पूजे जाते

कन्हैया के भाई का कहना है कि वह जानते हैं कि उनका भाई निर्दोष है, अगर किसी छात्र ने देश विरोधी नारे लगाए हैं तो पुलिस को क्यों बुलाया गया, सरकार इस मामले को संभाल नहीं सकी, हमें सिर्फ न्यायपालिक से उम्मीद बची है। (नवभारत टाइम्स)


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE