पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की बर्बरता का शिकार हुए शहीद परमजीत की बेटी को आईएएस यूनुस और आईपीएस अंजुम ने गोद लेकर मिसाल पेश की हैं. दोनों पति-पत्नी ने ये काम गुपचुप तरीकें से अंजाम दिया ताकि किसी को इसकी भनक ने लगे.

यूनुस हिमाचल के कुल्लू में उपायुक्त हैं और उनकी पत्नी सोलन में एसपी के पद पर कार्यरत हैं. ध्यान रहे कि अंजूम देश की दूसरी मुस्लिम आईपीएस हैं. दोनों ने खुशदीप को अपने परिवार का हिस्सा मानते हुए न उसको गोद लिया बल्कि उसे के परिवार से एक काबिल अफसर बनाने का वादा भी किया. साथ ही दोनों खुशदीप को सामजिक तौर पर भी अपनाएंगे.

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युनुस और अंजुम आरा ने शहीद की पत्नी व अन्य परिवारवालों से भी इस बारे में बातकर उन्हें रजामंद कर लिया है. यूनुस और अंजुम का चार साल का बेटा है और उन्होंने शहीद के परिवार से कहा कि हमें खुशी है कि भाई को बहन मिल गई है. दोनों ने कहा कि हम कोशिश करेंगे भाई-बहन के बीच का रिश्ता गहरा रहे. दंपति ने कहा कि उनकी पूरी कोशिश होगी कि बच्ची को पढ़ाई में कोई कमी ना आए, अगर वो आईएएस या आईपीएस भी बनना चाहेगी तो हम उसकी पूरी मदद करेंगे.

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अंजुम आरा का कहना है कि शहीद की बेटी अपनी इच्छा के मुताबिक उनके साथ या फिर अपनी मां के साथ रह सकती है. बेटी चाहे जहां  भी रहे मगर वह पढ़ाई-लिखाई और हर चीज में सहयोग करेंगे.


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