Zakiya Jafri along with his Father,Ehsan Jafri
Zakiya Jafri along with his Father,Ehsan Jafri

14 साल पहले गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड में 68 लोगो की मौत हो गयी थी. जिस पर आज स्पेशल कोर्ट ने अधूरा फैसला सुनाया है. इस फैसले पर एहसान जाफरी की विधवा जाकिया जाफरी ने नाखुशी जताई हैं और उन्होंने कहा की उन्हें अपनी कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रखनी पड़ेगी. मैं इंसाफ की खातिर हर आखिर उम्मीद तक लड़ूंगी.

28 फरवरी 2002 गुजरात में गोदरा के दंगो के दौरान, हिन्दुओं की गुस्साई भीड़ ने गुलबर्ग सोसाइटी पर हमला कर दिया था. उस हमले में सोसाइटी के 18 घर जलकर खाक हो गए थे. जिसमे कोंग्रेस के नेता और पूर्व पार्लियामेंट मेंबर एहसान जाफरी का घर भी शामिल था. जिसमे एहसान जाफरी की मौत हो गयी थी.

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इसके घटना में एहसान जाफरी सहित तकरीबन 39 लोगो की मौत हो गयी थी और 30 लोगो की लापता होने की खबर थी, लेकिन बाद में किसी का भी शव ना मिलने पर उन 30 लोगो को भी मृत घोषित कर दिया गया था.

एक लम्बे अर्से के बाद जब आज 14 वर्षो बाद जब फैसला आया तो इस फैसले में 24 लोगों को दोषी करार दिया गया है. जबकि मामले में 36 लोगों को बेगुनाह करार दिया है. कोर्ट ने जिन 36 लोगों को बरी किया है उनमें एक पुलिस इंस्पेक्टर ,कांग्रेस पार्षद मेघ सिंह चौधरी ,के जी एर्दा और भाजपा पार्षद विपिन पटेल शामिल है.

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कोर्ट ने कहा कि 34 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी किया जा रहा है. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि साजिश के तहत ये घटनाक्रम को अंजाम नहीं दिया गया है और सजा का एलान 6 जून को किया जाएगा.

 

Web-Title- I will Carry on my fight till the last breathe of my life

Key Words- Zakiya Jafri, Ehsan Jafri, Gulburg Society Massacre, Godra Massacre

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